कासगंज,जागरण संवाददाता। बुधवार को दूसरा दिन भी हड़ताल के नाम रहा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला पड़ा रहा। कुपोषण के खिलाफ सरकारी जंग दूसरे दिन भी थमी रही तो बैंकों में भी लेन-देन बंद रहा। कई बैंकों में पहुंचे उपभोक्ता मायूस वापस लौटे। इसके साथ में ¨सचाई एवं नलकूप विभाग के कर्मचारी धरने पर थे। दफ्तरों में सन्नाटा रहा।

नलकूप एवं ¨सचाई विभाग के र्किमयों ने बुधवार को दूसरे दिन भी अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। कर्मचारियों ने परानी पेंशन के साथ में अन्य मांगे उठाई। एडीेएम को ज्ञापन सौंप कर चेतावनी दी है कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन करेंगे। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट के बैनर तले कर्मचारी धरने पर बैठे। धरना प्रदर्शन के दौरान सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करने की मांग करते हुए कहा कि संविदा और आउट सोíसंग को बंद किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आशा के साथ रसोई को नियमित कर राज्य कर्मचारियों की भांति वेतन दिया जाए। चिकित्सा प्रतिपूíत संबंधी 25 अक्टूबर को जारी शासनादेश वापस लेने की मांग उठाई। धरना प्रदर्शन में अध्यक्ष महेश चंद्र यादव, बहोरन ¨सह, यतेंद्र ¨सह, नेहा चौहान, संदीप कुमार, अमित सक्सैना, रवी कुमार, लोकेंद्र कुमार, पंकज कुमार, संतोष कुमार, नवीन कुमार, जुनेद मियां, अनुज कुमार, शशी बाला, अमित कुमार और जुगेंद्र ¨सह उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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