सोरों, संवाद सूत्र : सूकर क्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा का पिछले दिनों से तीर्थ स्थल घोषित कराने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। शुक्रवार को मातृशक्ति ने दो घंटे तक मौन धारण कर धरना दिया। तीर्थ स्थल की मांग को लेकर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया है।

हरिपदी गंगा घाट स्थित पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग के चौरासी घंटे वाली देवी के मंदिर में एकत्रित हुई महिलाओं ने तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग को लेकर दो घंटे तक मौन धारण कर सांकेतिक धरना दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रही समाज सेवी महारानी गुप्ता ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से सोरों को तीर्थस्थल का दर्जा देने की लगातार मांग की जा रही है। इस आंदोलन में महिलाओं की भूमिका अहम रही है। जब तक सरकार सोरों को तीर्थ घोषित नहीं कर देती तब तक महिलाएं इसी तरह आंदोलनरत रहेंगी। प्रांजल मिश्रा ने कहा कि मातृशक्ति की आवाज को सरकार के कानों तक पहुंचाना होगा। आंदोलन के संयोजक भूपेश शर्मा ने भी आंदोलन की आगामी रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी। रेखा रानी, नीलम शर्मा, पिकी शर्मा, आरती मिश्रा, कुसुम रानी, पिकी बघेल, राम लता शर्मा, प्रांजल तिवारी, धूपवती देवी, कमला देवी, पूजा शर्मा, बबली शर्मा, काव्या, दिव्या शर्मा मौजूद रहीं। तीर्थ स्थल की मांग को शिक्षाविदों ने दिखाई एकजुटता

संवाद सहयोगी, कासगंज : सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग को लेकर शिक्षाविदों ने भी एकजुटता दिखाई है। शुक्रवार को केए कालेज में बैठक कर मुख्यमंत्री से मिलने की रूपरेखा तैयार की गई है। पुराणों के तथ्यात्मक तर्को पर भी चर्चा की गई।

केए कालेज के प्रचार्य डा. बीके तोमर ने कहा कि धर्म ग्रंथों में सोरों का महत्वपूर्ण स्थान है। भगवान वराह की मोक्ष स्थली के अलावा यहां तमाम ऐसे प्रमाणिक आधार हैं, जिन्हें सामने रखकर तीर्थ घोषित करना आवश्यक है। प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि अंतराष्ट्रीय महत्व रखने वाली धार्मिक नगरी की उपेक्षा की गई है। प्रोफेसर डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने कहा है कि भगवान वराह विष्णु के तृतीय अवतार हैं। इस क्षेत्र में देह त्याग किया। डा. मिथलेश वर्मा ने कहा कि एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही सीएम से मिलेगा और उनके समक्ष तथ्यों के आधार पर तीर्थ की मांग रखी जाएगी। डा. आदर्श मोहन राठी, एपी गुप्ता, प्रमिला वशिष्ठ, कमलेश कुमार, विजेंद्र कुमार, मिथिलेश पांडे, रानू शर्मा, केशव पांडे, प्रवीण कुमार सिंह जादौन, संजय सिंह, वाईपी सिंह, अखिलेश आदि मौजूद रहे।

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