सोरों संवाद सूत्र : सूकर क्षेत्र सोरों को सरकारी तौर पर तीर्थस्थल का दर्जा दिलाने की मांग लगातार हो रही है। यहां के ज्योतिषाचार्यों ने भी इस आंदोलन को समर्थन किया है। उन्हों ने कहा है कि सोरों पुराणों में विश्व का आदि तीर्थ है। इसके बाद भी सरकारों की उपेक्षा के चलते तीर्थ स्थल घोषित नहीं हुआ है। सरकारी तौर पर यह घोषणा होने के बाद यहां का विकास निश्चित है।

आदि तीर्थ सोरों विश्व का एक मात्र धार्मिक स्थल ऐसा है, जहां स्थित हरिपदी गंगाघाट में 24 घंटे के भीतर मानव अस्थियां जल में विलीन हो जाती हैं। शिव पुराण, विष्णु पुराण, स्कंद पुराण, वराह पुराण सहित अन्य धर्म ग्रंथों में सोरों को आदि तीर्थ का दर्जा दिया गया है। सरकारों की उपेक्षा के चलते तीर्थस्थल की घोषणा न होने से यहां का विकास रुका हुआ है। ज्योतिषाचार्यों ने सोरों को तथ्यों के आधार पर तीर्थस्थल घोषित करने की मांग की है। प्रथ्वी का यह भाग विशेष महत्व रखता है। यहां स्थित जल कुंड हरिपदी गंगा घाट में 24 घंटे के भीतर अस्थियां जल में विलीन हो जाती हैं। ऐसी स्थली को तीर्थ न बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण विषय है।

- प्रदीप बल्लभ भट्ट, ज्योतिषाचार्य भगवान विष्णु ने तृतीय अवतार धारण कर वराह के रूप में रसातल से प्रथ्वी को निकाला था। इस धार्मिक स्थल की पौराणिक मान्यता है। तथ्यों के आधार पर तीर्थस्थल घोषित होना आवश्यक है।

- अंबरीश निर्भय शास्त्री, ज्योतिषाचार्य पुराणों के मुताबिक अवंतिका तिल एवं सूकर क्षेत्र सोरों जौ के बराबर श्रेष्ठ हैं। सभी तथ्यों को जानते हुए भी सोरों को तीर्थस्थल घोषित नहीं किया गया है। सरकार को मंथन कर घोषणा करनी चाहिए।

- गोपाल शास्त्री, ज्योतिषाचार्य विश्व में ऐसा कोई स्थल नहीं जहां विष्णु के अवतार ने देह त्याग किया हो। सिर्फ सोरों ही ऐसा स्थान है, जहां वराह भगवान का मोक्ष हुआ था। ऐसे स्थल को सरकार द्वारा जल्द ही तीर्थ स्थल बनाना चाहिए।

- पंडित उमेश शास्त्री, ज्योतिषाचार्य तीर्थस्थल की मांग को लेकर डीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल

संवाद सहयोगी, कासगंज : सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग को लेकर गुरुवार को डीएम से प्रतिनिधिमंडल मिला। भगवान वराह के चित्र के साथ ज्ञापन सौंपकर तीर्थस्थल बनाने की मांग की है। डीएम ने जिलास्तर से पैरवी करने का आश्वासन दिया।

सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थ स्थल का दर्जा दिलाने की मांग तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठन इस आंदोलन में सहभागिता कर रहे हैं। गुरुवार को प्रदीप रघुनंदन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम सीपी सिंह मिला और उन्हें सोरों को धार्मिक तथ्यों की जानकारी दी। भगवान वराह का चित्र भेट कर ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में उन्होंने सोरों की लगातार हो रही उपेक्षा का उल्लेख करते हुए तीर्थस्थल घोषित करने की मांग की है। डीएम ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों को जिला प्रशासन की ओर से इस मांग को लेकर पैरवी करने का आश्वासन दिया। मनोज शर्मा, विवेक कुमार द्विवेदी, बासु त्रिगुणायत, मोहम्मद आलम, दीपक यादव, डा. दुष्यंत शर्मा, रामकुमार सिंह, चौधरी सुल्तान सिंह मौजूद रहे।

Edited By: Jagran