जागरण संवाददाता, पटियाली: बाढ़ से त्रस्त कटरी के गांवों के हालात खराब हैं। ग्रामीण बीमार पड़े हैं तो सेहत के ठिकानों पर दबंगों के कब्जे हैं। कब्जे से बचे रह गए स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। सरकारी सेहत के ठिकानों की बदहाली से बाढ़ प्रभावित गांवों के पीड़ित इलाज को तरस रहे हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंजडुंडवारा से संचालित स्वास्थ्य उप केंद्रों का हाल बेहाल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहबाजपुर, उपकेंद्र उलाई खेड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र म्याऊ, नरदौली, सनौडी, उपकेंद्र नवाब गंज नगरिया, नगला टिकुरी फार्मासिस्ट और एएनएम द्वारा ही संचालित किए जाते हैं। अधिकांश पर स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचते हैं। नगला टिकुरी के ग्रामीणों का कहना है उप केंद्र पर कोई स्वास्थ्य कर्मी आता ही नहीं है, जबकि नवाब गंज नगरिया के उप केंद्र पर दबंगों का कब्जा है।

नहीं करते चिकित्साधिकारी दौरा

पटियाली: साधन विहीन कटरी प्रभावित क्षेत्र में शासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली के लिए स्थापित केंद्रों की जागरण टीम ने पड़ताल की। इस दौरान केंद्रों पर मुख्य चिकित्साधिकारी और अधीक्षक के दौरा न करने के कारण स्वास्थ्य कर्मी बेखौफ हैं, ताले लगे रहने से परिसर जंगल में तब्दील हो रहे हैं।

पानी उतरा, समस्याएं विकराल:

कासगंज: गंगा में भले ही बाढ़ का असर कम होने लगा हो, पर प्रभावित गांवों की समस्याएं कम होती नहीं दिख रही हैं। बैराजों से शनिवार को गंगा में पानी और दिनों के मुकाबले कम छोड़ा गया तो कछला पुल पर भी गंगा का उफान दस सेमी. कम दिखा।

Posted By: Jagran