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'गठबंधन की सरकार बनी तो किसानों का कर्ज माफ, भाजपा आई तो छीन लेगी वोट देने का अधिकार', कासगंज में गरजे अखिलेश

जनसमूह को आगाह करते हुए कहा कि यह संविधान बचाने का चुनाव है। अग्निवीर योजना से ना तो युवाओं का भला होगा और ना ही सीमा की सुरक्षा हो पाएगी। सरकार ने पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा रद कराई। इससे युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है। उनकी शादी पर भी संकट है। छोटे और मध्यम कारोबारी जीएसटी में उलझकर ही रह गए हैं।

By Jagran News Edited By: Mohammed Ammar Fri, 26 Apr 2024 08:34 PM (IST)
'गठबंधन की सरकार बनी तो किसानों का कर्ज माफ, भाजपा आई तो छीन लेगी वोट देने का अधिकार'

जागरण संवाददाता, कासगंज : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवाओं, किसानों, व्यापारियों के बहाने भाजपा सरकार पर हमले किए। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार आई तो वोट देने का अधिकार छिन जाएगा। युवाओं को समझाया, किसानों को झकझोरा और व्यापारियों को रिझाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गठबंधन की सरकार आई तो किसानों और गरीबों का कर्ज माफ किया जाएगा। युवाओं को लैपटाप और मोबाइल फोन दिए जाएंगे।

देवेश शाक्य के समर्थन में की जनसभा

शुक्रवार को उन्होंने एटा लोकसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी देवेश शाक्य के समर्थन में जनसभा की। भगवान वराह और मां गंगा को नमन करते हुए अखिलेश ने कहा कि यह महाकवि तुलसीदास की जन्मभूमि है। यहां मिली-जुली संस्कृति है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आंदोलन में देश भर से एक लाख किसान शहीद हो गए, लेकिन वह पीछे नहीं हटे। भाजपा सरकार ने किसानों से दोगुनी आय का वादा किया था।

उन्होंने पूछा-क्या गेहूं का दाम आपको दोगुना मिला? एक स्वर में लोगों ने नहीं कहा तो बोले, सरकार ने किसानों को मुफ्त बिजली की बात कही थी लेकिन, मीटर लगा दिए। गरीबों को जो राशन दिया जा रहा है, वह काफी खराब किस्म का है। सरकार ने बड़े पूंजीपतियों का 16 लाख करोड़ कर्ज माफ कर दिया। इलेक्ट्रोरल बांड के नाम पर एक हजार करोड़ की वसूली की। सभी भ्रष्टाचारियों को अपने गोदाम में रख लिया है।

यह संविधान बचाने का चुनाव : अखिलेश यादव

जनसमूह को आगाह करते हुए कहा कि यह संविधान बचाने का चुनाव है। अग्निवीर योजना से ना तो युवाओं का भला होगा और ना ही सीमा की सुरक्षा हो पाएगी। सरकार ने पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा रद कराई। इससे युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है। उनकी शादी पर भी संकट है। छोटे और मध्यम कारोबारी जीएसटी में उलझकर ही रह गए हैं। विकसित यात्रा के नाम पर जमकर लूट की गई।