त्योहार की आड़ में सेहत से खिलवाड़: कड़ाही में घटिया तेल, कासगंज में खुले में बिक रहीं मिठाइयां
त्योहारों के नजदीक आते ही कासगंज में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है, लेकिन इनकी गुणवत्ता और ...और पढ़ें

तेल से कड़ाही में दस दस बार इंस्तेमाल करता पकोड़ी विक्रेता। खुले में रखी मिठाइयां। जागरण
HighLights
त्योहारों पर कासगंज में मिठाइयों की बिक्री बढ़ी, गुणवत्ता पर सवाल।
खुले में बिक रहीं मिठाइयों पर धूल-मक्खियां, सेहत से खिलवाड़।
पकवान बनाने में बार-बार इस्तेमाल हो रहा पुराना, घटिया तेल।
जागरण संवाददाता, कासगंज। दीपावली और अन्य त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है। बाजार में सजी मिठाइयों को देखकर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इनकी गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। जागरण पड़ताल में शहर और कस्बों में कई दुकानों पर मिठाइयां खुले में रखकर बेचते हुए नजर आईं। वहीं कुछ दुकानों पर कड़ाही में बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल में पकवान तैयार किए जा रहे हैं।
त्योहार की आड़ में सेहत से खिलवाड़, खुले में रखकर बेची जा रहीं मिठाइयां
मिठाई की दुकानों के आसपास धूल और धुएं के बीच खुले में रखीं मिठाइयों पर मक्खियां मंडराती दिखाई दीं। दुकानदारों ने इन्हें ढकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। ग्राहक भी खुले में रखी मिठाइयों को खरीदते दिखाई दिए। त्योहार के दिनों में बिक्री बढ़ने के कारण दुकानदार बड़ी मात्रा में मिठाइयां पहले से तैयार कर लेते हैं। ऐसे में लंबे समय तक रखीं मिठाइयों की ताजगी और गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं।
कड़ाही में बार-बार इस्तेमाल हो रहा तेल
कुछ दुकानों पर पकवान तैयार करने में एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल किए जाने की स्थिति सामने आई। लगातार गर्म किए जाने वाले तेल का रंग और गुणवत्ता बदल जाती है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार खराब हो चुके तेल का इस्तेमाल खाद्य पदार्थ बनाने में नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद मुनाफे के लिए कई जगह तेल बदलने में लापरवाही की जाती है।
एक अप्रैल 2025 से सितंबर 2026 तक हुई कार्रवाई
- 1227 - निरीक्षण
- 317 - छापे
- 356 - संग्रहित नमूने
- 338 - जांच रिपोर्ट प्राप्त
- 128 - अघोमानक
- 25 - असुरक्षित
ग्राहक की बात
त्योहार पर मिठाई खरीदना मजबूरी है, लेकिन खुले में रखी मिठाइयां देखकर गुणवत्ता को लेकर चिंता होती है। दुकानदारों को मिठाइयां ढककर रखनी चाहिए। -वासुदेव शुक्ला, निवासी मुहल्ला मढई सोरों।
दुकानों पर मिठाइयों की बिक्री तो खूब हो रही है, लेकिन यह पता लगाना मुश्किल है कि मिठाई कब बनी और इसमें किस गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ इस्तेमाल किए गए हैं। विभाग को नियमित जांच करनी चाहिए। -आकाश तिवारी, ग्राहक, कासगंज।
