कासगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर: हजारों बीघा फसलें डूबीं, दर्जनों गांव पानी से घिरे
कासगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर है, जिससे तेजी से कटान हो रहा है और हजारों ...और पढ़ें
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पटियाली तहसील क्षेत्र के किशोल केिलोनी गांव की ओर गंगा कटान करती हुई। जागरण
HighLights
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर, कटान जारी
हजारों बीघा फसलें जलमग्न, ढाई दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
छह तटबंध बहे, ग्रामीणों में दहशत, बचाव कार्य जारी
जागरण संवाददाता, कासगंज। गंगा में तेजी से कटान हो रहा है। हालांकि 24 सेंटीमीटर जलस्तर घटा है। शनिवार को गंगा का जल स्तर 162,40 मीटर है जो खतरे के निशान पर है । नरौरा, हरिद्वार, और बिजनौर से निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है। ढाई दर्जन से अधिक गांव गंगा के पानी से घिरे हुए हैं। लोगों के मकानों में पानी दाखिल हो चुका है।
हजारों बीघा फसल डूब चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और आपदा राहत टीमें गांव में पहुंची हैं। तमाम लोग सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। कटान रोकने के लिए बनाए गए दो और तटबंध गंगा में समा गए। पिछले 24 घंटे में कुल छह तटबंध पानी में बह चुके हैं।
ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि 12 तटबंधों में से चार के गंगा में समा जाने से नदी की धारा का दबाव बढ़ गया है। यदि कटान नहीं थमा तो कृषि भूमि के साथ आसपास की आबादी के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। बाढ़ का पानी पहले से ही करीब एक दर्जन गांवों को घेरे हुए है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है।
गंगा के जलस्तर और कटान की लगातार निगरानी की जा रही है। किशोल किलोनी की ओर कटान वाले स्थानों पर विभागीय टीम नजर बनाए हुए है। ठोकरों और तट की स्थिति का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां आवश्यकता है, वहां उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बचाव कार्य कराया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
