कासगंज, संवाद सहयोगी : जिले में बुखार से मरने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है। गंजडुंडवारा के गांव गनेशपुर में 41 वर्षीय अधेड़ की बुधवार देर रात अलीगढ़ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या 41 हो गई है। इनमें से सिर्फ गनेशपुर के 13 लोगों की मौत हुई है।

जानलेवा बुखार गनेशपुर में सबसे अधिक कहर बरपा रहा है। बुधवार को गांव के जर्रार हुसैन की अलीगढ़ में निजी अस्पताल में मौत हो गई। उन्हें चार दिन पूर्व बुखार आया था। गंजडुंडवारा के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया था, लेकिन स्वास्थ्य में लाभ नहीं मिला तो स्वजन उसे उपचार के लिए अलीगढ़ के निजी अस्पताल ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। अधेड़ की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में डेंगू एवं बुखार से कोई मौत नहीं हुई है, जबकि मौत का आंकड़ा 41 पहुंच गया है। डेंगू और मलेरिया के रोगियों की भी संख्या बढ़ी है। डेंगू से पीड़ित अधिकतर रोगी अलीगढ़, आगरा में उपचार करा रहे हैं। जिला अस्पताल एवं शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा निजी अस्पतालों में भी बुखार से पीड़ित लोग भर्ती हैं। आंकड़ों की नजर में :

- जिले में अब तक मिले बुखार के रोगी : 916

- डेंगू के लक्षण वाले मिले रोगी : 615

- अब तक कराए गए आडीटीएनएसवन टेस्ट : 610

- अब तक डेंगू के सक्रिय रोगी : 47

- मलेरिया के सक्रिय रोगी : 11 स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिलेभर में गुरुवार को 20 गांवों में शिविर लगाकर रोगियों को दवाएं वितरित की हैं। विभिन्न रोगों से ग्रसित 167 लोगों को दवाएं दी गई हैं। इनमें बुखार के रोगी भी शामिल हैं। कोई मौत डेंगू बुखार से नहीं हुई है।

- डा. अनिल कुमार, सीएमओ स्वास्थ्य केंद्रों एवं चिकित्सकों के यहां लग रही भीड़

जिले में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार के रोगी मिल रहे हैं। जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, निजी चिकित्सकों के यहां भीड़ लग रही है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव हरपालपुर, कल्याणपुर, सोबत भूड़, गंगागढ़, ईस्माइलपुर, महाराजपुर, गोयती, अल्लीपुर, गनेशपुर, सुजावलपुर, नगला चमन, नगला खुर्द, सनौठी एवं कस्बा सिढ़पुरा के अलावा नगला गोदी, बोडा नगरिया में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। रोगियों को दवाएं दी। सहावर के स्वास्थ्य अधीक्षक डा. अविनाश ने बताया कि स्वास्थ्य टीमें ग्रामीणों को बुखार एवं डेंगू से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं। उनका कहना है कि लोग फुल कपड़े पहनें। छतों पर पानी जमा न होने दें। घर के आसपास की नालियों में दवा का छिड़काव कराएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रकोप करें। किसी भी प्रकार की रोग संबंधी समस्या होने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराएं।

Edited By: Jagran