कासगंज, संस। बरेली से रामनगर तक रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण चल रहा है और उम्मीदों के ट्रैक पर दौड़ रहा कासगंज। करीब चार महीने बाद जब रामनगर तक विद्युतीकरण पूरा हो जाएगा तो मैदान से पहाड़(कासगंज से टनकपुर, काठगोदाम तक) तक का सफर सुहावना हो जाएगा।

मौजूदा स्थिति में कासगंज से टनकपुर और काठगोदाम तक के लिए पैसेंजर है। कोरोना संक्रमण के चलते ये ट्रेन संचालन बंद है। नैनीताल तक के लिए रोडवेज की बस चलती है। पहाड़ों पर घूमने के शौकीन इसी बस से जाते-आते हैं। कासगंज से बरेली सिटी स्टेशन तक के ट्रैक को विद्युतीकृत किया जा चुका है।

रेलवे के जानकार बताते हैं कि कासगंज से बरेली सिटी तक इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालित हो भी जाए तो रामनगर तक के लिए डीजल इंजन लगाना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटे का समय लगेगा।

वैसे बरेली सिटी स्टेशन से रामनगर तक ट्रैक का विद्युतीकरण कराया जा रहा है। इस कार्य को चार महीने में पूरा होना है। इस ट्रैक के विद्युतीकृत होने के बाद कासगंज से रामनगर तक बाया बरेली सिटी इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन की संभावना बढ़ जाएगी। तब कासगंज से टनकपुर, काठगोदाम तक का सफर सुगम हो जाएगा। समय की बचत होगी।

एक नजर

- 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से डीजल इंजन से दौड़ पा रही ट्रेन

- 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार होगी इलेक्ट्रिक ट्रेन की कासगंज-बरेली रेल मार्ग पर विद्युतीकरण पूरा हो गया है। इस ट्रैक का ट्रायल हो चुका है। बरेली-रामनगर रूट पर विद्युतीकरण होते ही कासगंज से सीधी कनेक्टविटी हो जाएगी। तब इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन उत्तराखंड की ओर जा सकेंगी।

- राजेंद्र सिंह, पीआरओ रेलवे इज्जतनगर मंडल

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