सिढ़पुरा, संवाद सूत्र: बुधवार को दोपहर लगभग एक बजे जब बालक का शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। गांव का हर व्यक्ति गमगीन दिखाई दिया। पुलिस सुरक्षा के बीच गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।

गांव पिथनपुर में बीते तीन दिनों से किशनवीर के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा था। बालक के अपहरण से ग्रामीण भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर भयभीत थे। गुरुवार को जब लोकेश सोलंकी का शव मिला को गांव में शोक का माहौल बन गया। गुरुवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद बालक का शव गांव पहुंचा तो पहले से ही किशनवीर के घर पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की आंखे नम हो गईं। मां देवकी देवी पिता किशनवीर का रो-रो कर बुरा हाल था। तो गांव की महिलाएं और नाते रिश्तेदार के विलाप से वातावरण गमगीन था। बालक के शव का किशनवीर के खेत पर ही पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सुरक्षा की ²ष्टि से तैनात किया गया पुलिस बल

गांव पिथनपुर में बालक की हत्या के आरोपित भी गांव के ही है। ऐसे में किसी प्रकार की और अनहोनी न हो इसके चलते गांव में पुलिस की तैनाती की गई थी। बालक के अंतिम संस्कार के समय पटियाली के एसडीएम शिव कुमार सिंह, सीओ गवेंद्र पाल गौतम, सिढ़पुरा के थानाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह भी मौजूद रहे। सीएम ने डीएम से ली घटना की जानकारी, आर्थिक सहायता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार की सुबह जिलाधिकारी सीपी सिंह से घटना की जानकारी ली है, एवं पीड़ित परिवार के घर जाकर सांत्वना देने एवं आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। डीएम सीपी सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये दिए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। विधायक ने परिवार को बंधाया ढांढस

अमांपुर के विधायक देवेंद्र प्रताप भी बुधवार को गांव पिथनपुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। आरोपितों पर कड़ी कारवाई कराने एवं हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

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