जासं, कासगंज: जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक कलक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए इसे गैरकानूनी बताया। उन्होंने इसके रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।

कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में डीएम आरपी सिंह ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई की जाए। विवाह के समय वर की आयु 21 वर्ष तथा वधू की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद में किशोर और किशोरियों के लिए अलग-अलग राजकीय संप्रेक्षण गृह तथा नारी निकेतन बनाने का प्रस्ताव बनाकर दें। और बाल संरक्षण समिति की बैठकें नियमित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कुशीनगर में मारे गए बच्चों की आत्मा की शाति के लिए सभी ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा। बैठक में जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से पीडि़त महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अब तक जनपद में 72 महिलाओं और बच्चों को लाभावित किया जा चुका है। इसकी संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन है। पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था है। बैठक में सीएमओ डा. रंगजी द्विवेदी, एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी, बीएसए गीता वर्मा, बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष आशा देवी, अर्चना सिंह, ललतेश चौहान, डा. मौहम्मद मिया, कौशल किशोर सहित समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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Posted By: Jagran