जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : गेहूं बिक्री के दौरान किसानों को समस्या न हो इसके निर्देश शासन की ओर से दिए गए थे। इसके साथ ही बिचौलियों की सक्रियता कम करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता ऐसी रही कि जिले में 23 फीसद किसानों से ही टोकन से खरीद हो सकी है। इससे किसानों को अभी भी केंद्रों पर अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।

रबी विपणन वर्ष 2021-22 में गेहूं खरीद के लिए जिले में खाद्य विभाग, पीसीयू, पीसीएफ सहित छह एजेंसियों के 64 केंद्रों से खरीद की जा रही है। जिलें में अब तक 19014 किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीयन कराया है। किसानों को गेहूं बिक्री में अव्यवस्था न हो और बिचौलियों की सक्रियता कम रहे इसके लिए शासन ने टोकन जारी कर खरीद करने के निर्देश दिए थे। जिले में पंजीकृत हुए कुल किसानों के सापेक्ष 6038 किसानों को ही टोकन जारी किया जा सका है। उसमें भी मात्र 4458 किसानों से ही टोकन के माध्यम से खरीद की जा सकी। टोकन व्यवस्था पूर्णतया प्रभावित न होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रभारी बारदाना, उठान न होने सहित अन्य समस्या बताकर किसानों को केंद्र के चक्कर कटवा रहे हैं। गेहूं खरीद के लिए शासन से 15 जून तक की समय सीमा निर्धारित की गई है, जिससे अब किसानों को गेहूं बिक्री करना परे के लिए समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अभी भी केंद्रों पर अव्यवस्थाएं कम नहीं हुई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि कई किसानों का अनाज अधिक होने के बाद भी टोकन कम मात्रा का जारी हुआ था, जिसे देखते हुए बिना टोकन खरीद की गई, ताकि किसानों को समस्या न हो।

इंसेट

तहसीलवार किसानों को

जारी टोकन की संख्या

तहसील कुल टोकन टोकन से खरीद

रसूलाबाद 547 - 420

डेरापुर 1342 - 982

अकबरपुर 1300 - 937

भोगनीपुर 1412 - 1182

सिकंदरा 820- 442

मैथा 617 - 495

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