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कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार-ट्रक की टक्कर, महाकाल के दर्शन कर लौट रहे रूरा के तीन युवकों की मौत

By Ankit TiwariEdited By: Anurag Shukla
Published: Sun, 22 Feb 2026 07:35 PM (IST)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चेचट टोल प्लाजा के पास एक भीषण सड़क हादसे में रूरा के तीन युवकों सहित चार लोगों ...और पढ़ें

अंकुश दुबे, श्रेष्ठ बाजपेयी, प्रांजुल चतुर्वेदी। सौ. स्वजन

अंकुश दुबे, श्रेष्ठ बाजपेयी, प्रांजुल चतुर्वेदी। सौ. स्वजन

HighLights

  1. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार-ट्रक की भीषण टक्कर।

  2. महाकाल दर्शन से लौट रहे रूरा के तीन युवकों की मौत।

  3. हादसा राजस्थान के कोटा के चेचट टोल प्लाजा के पास।

जागरण संवाददाता, कानपुर। जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। उज्जैन महाकाल दर्शन कर लौटने के दौरान रूरा कस्बा निवासी तीन दोस्तों समेत चार की मौत हो गई। इससे परिवार ही नहीं बल्कि कस्बे में मातम छा गया है, जिसको भी घटना की जानकारी मिली उनके दरवाजे हाल जानने पहुंच गया। स्वजन की चीत्कार सुन वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। तीनों परिवार के सदस्य घटनास्थल को रवाना हो गए।

रूरा के रामनगर मुहल्ला निवासी कृष्ण कुमार का 26 वर्षीय पुत्र प्रांजुल व अनुपम बाजपेई का 21 वर्षीय पुत्र श्रेष्ठ करीब तीन वर्ष से लखनऊ में रह रहे थे और दोनों ट्रैवेल्स की गाड़ी चलाते थे। शुक्रवार को दोनों साथी अंश प्रताप के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए निकले थे। रूरा के पालीवाल नगर निवासी आदित्य ने बताया कि उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए 23 वर्षीय भाई अंकुश भी 20 फरवरी को लखनऊ चला गया था, जहां से वह चारों कार से उज्जैन के लिए निकल गए।

उज्जैन महाकाल दर्शन के बाद चारों दोस्त घर लौट रहे थे, जहां हादसे में चारों दोस्तों की जान चली गई। एक साथ तीन दोस्तों की मौत से न केवल परिवार बल्कि कस्बे में मातम छा गया, जिसको भी इस खबर की सूचना मिली वह उनके दरवाजे पहुंच गया। स्वजन की चीत्कार सुन वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। आदित्य ने बताया कि परिवार के सभी लोग घटनास्थल को रवाना हो गए हैं।

दो साल पूर्व हुई थी प्रांजुल की शादी

रामनगर मुहल्ला निवासी प्रांजुल की दो वर्ष पूर्व पिहू से शादी हुई थी, जिससे नौ माह का बेटा है। बेटे की मौत से मां सुनीता, पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी समेत अन्य स्वजन इकलौते बेटे की मौत से बदहवास हो बिलखते रहे। स्वजन ने बताया कि बेटा करीब तीन वर्ष से लखनऊ में रह रहा था और ट्रैवेल्स की गाड़ी चलाता था।

बेटे अंकुश की मौत पर बेहोश हो गई मां

उच्च प्राथमिक विद्यालय रूरा में रसोइया के पद पर तैनात चेतना बेटे अंकुश की मौत पर बेहोश हो जमीन पर गिर पड़ी, जिससे वहां मौजूद परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। भाई आदित्य ने बताया कि शुक्रवार को अंकुश लखनऊ गया था। प्रांजुल व श्रेष्ठ तीनों घनिष्ठ दोस्त थे और उनके बुलाने पर ही अंकुश लखनऊ गया था, लेकिन यह नहीं पता था कि भाई का शव घर आएगा। वहीं श्रेष्ठ के पिता अनुपम बाजपेई प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे। बेटे की मौत पर मां विमलेश, भाई श्याम व बहन साक्षी बदहवास होकर बिलखने लगीं।