संवाद सूत्र शिवली: मैथा तहसील क्षेत्र के जलभराव वाले गांवों में बुखार का प्रकोप शुरू हो गया है। यहां के बगुलाही, रायपुर व पांडेय निवादा में बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। सूचना के बाद भी प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें न जाने से लोगों में नाराजगी हैं। वहीं मजबूरी में लोग झोलाछापों से इलाज कराने को विवश हैं।

जनपद में जलभराव व गंदगी से बुखार व उलटी दस्त का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अभी ओरिया, उसरी, पाल नगर, भग्गा निवादा, अलावलपुर, फंदा, मंझपटिया, भिखनापुर, मक्का निवादा ,बरौर, उदनापुर, बड़ागांव व प्रतापपुर उदैत में बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो सका है। इसी बीच मैथा तहसील क्षेत्र के जलभराव वाले गांव बगुलाही को बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया। यहां सुमन, राधा, संध्या, संतोषी, अनुराधा, राकेश, संजू, कृपाल, आशू, अवधेश, अनुराग, भरत सहित बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। कमोवेश यही हालत जलभराव वाले रायपुर गांव की है। यहां के मथुरा, संजू, सुभाष, कुलदीप, संजुल, प्रेमा, रेखा, बबली, प्रेम कुमार, बराती, बिन्दा सहित दर्जनों लोग बुखार की चपेट में है। इसी तरह पाण्डेय निवादा के आशू, करूण कुमार, किशोर,बाबू, बाल किशन, बालेन्द्र,बुद्ध सागर, राजरानी, राजेश्वरी, कुसमा, कोमल,कार्तिक, कौशल 1आदि बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। जलभराव के बाद डीएम ने इन गांवों में बीमारी के प्रकोप की संभावना के चलते डीएम ने स्वास्थ्य टीमों को इन गांवों में मोबाइल रखने का निर्देश सीएमओ को दिया था। बावजूद इसके विभाग उदासीन रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि बीमारी की सूचना के बाद भी स्वास्थ्य टीमों के न आने से मजबूरी में लोग झोलाछापों से इलाज कराने को विवश हैं। जिला संक्रामक रोग प्रभारी डा. एपी वर्मा ने बताया कि सोमवार को इन गांवों में टीमें भेजकर मरीजों का उपचार कराया जाएगा।

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