15 अगस्त से पहले कानपुर देहात में पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने, भाई-बहन को Delhi ATS ले गई साथ
कानपुर देहात के अकबरपुर में एक भाई-बहन को पाकिस्तान से संपर्क के शक में जांच एजेंसियों द्वारा पूछताछ के लिए ...और पढ़ें

ये फोटो एआाई जनरेटेड है।
HighLights
अकबरपुर के बारा गांव से भाई-बहन को पूछताछ के लिए ले जाया गया।
उन पर मोबाइल से पाकिस्तानी नागरिकों से संपर्क का शक है।
पुलिस ने जांच एजेंसी द्वारा जानकारी देने से इनकार किया।
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 15 अगस्त से पहले पाकिस्तान कनेक्शन का एक मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों ने एक भाई और बहन को हिरासत में लिया है। वहीं, लोकल पुलिस का कहना है कि उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं है।
अकबरपुर के बारा गांव के भाई बहन को दिल्ली एटीएस की टीम ने उठाया है। शक है कि कुछ पाकिस्तानियों से वह संपर्क में थे और फोन पर बातचीत होती थी। टीम उनके फोन को भी ले गई है।
अकबरपुर के बारा गांव के करीब 25 वर्षीय युवक व उसकी 20 वर्षीय बहन को दिल्ली एटीएस की 10 सदस्यीय टीम ने उठाया है। टीम ने पूरे घर की तलाशी ली और इसके बाद भाई बहन को गाड़ी में बैठाकर निकल गए, उनके तीन मोबाइल फोन भी ले लिए। घर वालों के पूछने पर मोबाइल चोरी का होने की बात टीम के सदस्य ने कही। दोनों के पिता का निधन हो चुका है और मां के साथ रहते हैं।
शक है कि वह मोबाइल के जरिये कुछ पाकिस्तानी नागरिकों से बातचीत करते थे, वित्तीय लेनदेन भी किए गए। अब यह बातचीत किस संबंध में होती थी, किस तरह से संपर्क में आए यह सामने नहीं आ सका है। बारा गांव में शत्रु संपत्ति भी है। यहां के कुछ लोग बंटवारे के समय देश छोड़कर पाकिस्तान में जा बसे थे, अब भाई बहन उनके रिश्तेदार से बात करते थे या किसी अन्य से यह सामने अभी नहीं आया है। वहीं कोई आधिकारिक पुष्टि भी अभी तक एटीएस की तरफ से इस संबंध में नहीं हुई है। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के आने की सूचना है, लेकिन पुलिस को मामले की जानकारी नहीं है।
पिता रहे हैं प्रधान, मुकदमे भी थे
भाई बहन के पिता प्रधान भी रहे थे और उनके ऊपर मारपीट, धमकाने के मुकदमे भी थे व जेल भी जा चुके थे। युवक अभी कोई काम नहीं करता था और घर पर ही रहता था, बहन भी पढ़ाई के बाद घर पर रह रही थी। भाई बहन की मां ने बताया कि उनको नहीं पता है कि किस आरोप में उनके बच्चों को ले जाया गया है। वह लोग तो शांति से घर व गांव में ही रह रहे हैं।
बारा गांव में है शत्रु संपत्ति, छह लोग गए थे पाकिस्तान
बारा गांव में शत्रु संपत्ति भी है। यहां के शराफत खां, उनके भाई जमील खां, खालिद, असलम, नियाज अहमद व उनके भाई मोहम्मद अहमद देश के बंटवारे के समय यहां से पाकिस्तान चले गए थे। उनकी जमीनें व खेत यहां पर हैं।
