दुनिया में आंखें खोलीं तो न गोद मिली, न आंचल, कानपुर देहात में पेड़ पर लटकी बोरी में मिला नवजात
कानपुर देहात के झींझक में मनेपुर और सड़रामऊ गांवों के बीच एक अमरूद के पेड़ पर बंधी बोरी में नवजात ...और पढ़ें

बोरी में रखा बच्चा। ग्रामीण
HighLights
अमरूद के पेड़ पर बंधी बोरी में मिला नवजात
ग्रामीणों ने नवजात को सीएचसी झींझक पहुंचाया
नवजात शिशु महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती
संवाद सहयोगी, झींझक (कानपुर देहात)। जिस नन्ही जान को दुनिया में आने के बाद मां का आंचल मिलना चाहिए था उसे पेड़ पर बंधी बोरी में लटका दिया गया। नन्ही सांसों को अभी दुनिया देखनी भी ठीक से नसीब नहीं हुई थी कि वह खेतों के बीच बेसहारा पड़ा मिला। शनिवार सुबह एक ग्रामीण की नजर बोरी पर पड़ी तो मासूम को अस्पताल पहुंचाया गया।
मनेपुर और सड़रामऊ गांव के बीच शनिवार सुबह अमरूद के पेड़ पर बंधी बोरी में नवजात शिशु मिला। खेत की ओर गए एक ग्रामीण की नजर पेड़ पर लटकी बोरी पर पड़ी तो उसने इसकी जानकारी गांव में दी।बच्चे को सीएचसी झींझक लेकर जाया गया जहां से महिला अस्पताल भेजा गया।
मनेपुर गांव निवासी रामप्रकाश शनिवार सुबह खेत की ओर गए थे। इसी दौरान मनेपुर और सड़रामऊ के बीच एक अमरूद के पेड़ पर बोरी टंगी दिखाई दी। पास जाकर देखने पर उसमें नवजात शिशु मिला। इसकी जानकारी होते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
पुलिस ने छानबीन की पर यहां रखने वाले का पता न चल सका। नवजात को 102 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी झींझक के जच्चा-बच्चा केंद्र लाया गया। अस्पताल में चिकित्सक डा. शिरोमणि सिंह ने नवजात की जांच की और उसे वार्मर पर रखवाया।
स्टाफ नर्स गायत्री की देखरेख में उसकी देखभाल की गई। ग्रामीण बच्चे को यहां छोड़ने वाले को कोसते रहे कि ऐसे ही छोड़ दिया किसी जानवर का शिकार हो जाता तो क्या होता।
सीएचसी के अधीक्षक डाक्टर अमित निरंजन ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। वहीं चाइल्ड लाइन केयर से लोग पहुंचे।
परियोजना समन्वयक चाइल्ड लाइन रिचा तिवारी ने बताया कि महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया हैं। बच्चे के स्वजन की तलाश की जा रही है। कोई जानकारी होने पर 1098 पर संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं।
