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कानपुर देहात में कच्चे मकान की छत गिरी, दो मासूम बच्चियों की मौत, पिता घायल

Published: Wed, 02 Sep 2026 11:07 PM (IST)

कानपुर देहात के जरसेन गांव में कच्चे मकान की छत गिरने से श्रीराम की सात वर्षीय पलक और एक वर्षीय ...और पढ़ें

छत गिरने से बिखरा मलबा। जागरण

छत गिरने से बिखरा मलबा। जागरण

HighLights

  1. कानपुर देहात के जरसेन गांव में कच्चे मकान की छत गिरी।

  2. हादसे में श्रीराम की दो बेटियों पलक और लवी की मौत।

  3. छत गिरने से बच्चियों के पिता श्रीराम भी घायल हुए।

संवाद सूत्र, मूसानगर(कानपुर देहात)। मूसानगर के जरसेन गांव में बुधवार रात बारिश के बीच कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई। मलबे में दबकर किसान के सात वर्षीय बेटी पलक और एक वर्षीय बेटे लवी की मौत हो गई, जबकि पिता श्रीराम उर्फ मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।

ग्रामीणों ने फावड़े और कुदाल से मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। घायल पिता को सीएचसी पुखरायां भेजा गया। हादसे की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

जरसेन गांव निवासी 40 वर्षीय श्रीराम उर्फ मुकेश किसान हैं। बुधवार रात करीब 10 बजे वह परिवार के साथ कच्चे मकान में सो रहे थे। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी। इस बीच मकान की छत भरभराकर गिर गई। मलबा गिरते ही परिवार दब गया और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया।

काफी मशक्कत के बाद श्रीराम, उनकी बेटी पलक और बेटे लवी को मलबे से बाहर निकाला गया। तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। श्रीराम के हाथ और कमर में गंभीर चोटें आईं। उनकी पत्नी संगीता भी उसी कमरे में लेटी थीं, लेकिन वह बाल-बाल बच गईं।

पत्नी ने बताया कि तीन भाइयों के बीच बंटवारे के बाद पति के हिस्से में सिर्फ एक कच्चा कमरा आया था। इसी के आगे छप्पर डालकर वह परिवार के साथ रह रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि यदि परिवार के पास पक्का मकान होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। एक ही झटके में परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत से गांव में मातम छा गया।

सूचना पर एसओ अमिता वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटना की जानकारी ली। स्वजन ने बताया कि परिवार को अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। एसडीएम देवेंद्र ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत नियमानुसार सहायता राशि दिलाई जाएगी।