जेम टेंडर में फर्जी ईएमडी: लखनऊ की चार फर्मों पर कानपुर देहात में एफआईआर
कानपुर देहात में बेसिक शिक्षा विभाग के टेंडर में लखनऊ की चार फर्मों ने कूटरचित ईएमडी प्रस्तुत की। जांच में ...और पढ़ें

HighLights
लखनऊ की चार फर्मों ने कूटरचित ईएमडी लगाई।
बेसिक शिक्षा विभाग के जेम टेंडर में धोखाधड़ी।
बीएसए ने फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराई।
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवा प्रदाता के चयन के लिए जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई थी। जेम निविदा में शामिल होने के लिए लखनऊ की चार फर्मों ने कूटरचित ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपाजिट) प्रस्तुत कर दी। जांच में मामला उजागर होने पर बीएसए ने संबंधित चारों फर्मों को ब्लैक लिस्ट करते हुए अकबरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में इसीसी एजूकेटर पद के लिए आउटसोर्सिंग से भर्ती होनी थी, जिसके लिए विभाग से करीब छह माह पूर्व निविदा निविदा आमंत्रित की गई थी। जेम निविदा में शामिल होने के लिए संजय गांधी पुरम अयोध्या मार्ग लखनऊ की वीवरसाफ्ट साल्यूशन लिमिटेड, एसबीएनके इंटरप्राइजेज, सुलभ आवास गोमती नगर लखनऊ की एएस इन्फ्राटेक व गंगोत्री मैनपावर लिमिटेड ने कूटरचित ईएमडी फाइल में लगा निविदा में शामिल होने का प्रयास किया। वहीं कुछ फर्मों ने निविदा पूर्ण होने से पूर्व ही बैंक से संबंधित धनराशि की निकासी कर ली।
प्राथमिक जांच में ईएमडी पर संदेह होने पर डीएम कपिल सिंह ने बीएसए, अग्रणी जिला प्रबंधक व उपायुक्त वस्तु एवं सेवा कर को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में मामला सही पाया गया और संबंधित फर्मों द्वारा कूटरचित ईएमडी प्रस्तुत करने की पुष्टि हुई, जिस पर बीएसए ने सख्त रुख अपनाते हुए चारों फर्मों को ब्लैक लिस्ट किया है।
इसके साथ ही संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बीएसए आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि निविदा में शामिल होने के लिए छह फर्मों ने आवेदन किया था, जिसमें जांच के दौरान चार फर्मों द्वारा कूटरचित ईएमडी प्रस्तुत किए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
