जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : स्कूलों में गिर रही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों में पठन पाठन के प्रति रुचि पैदा करने के लिए शासन रेडियो का सहारा लेगा। इसके लिए स्कूलों में रेडियो सेट उपलब्ध कराने तथा अन्य दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। इससे बच्चों के साथ ही शिक्षकों और उनके तौर तरीकों के बारे में बताया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्कूल प्रबंधन को उनके दायित्व का बोध कराना भी है। निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 21 के तहत गठित स्कूल प्रबंध समितियों के कार्य, कर्तव्यों एवं दायित्वों के संबंध में जन समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से जन पहल रेडियो कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान ने इसका कार्यक्रम जारी किया है।

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सोमवार व बुधवार को प्रसारण

कार्यक्रम आकाशवाणी उप्र के 12 प्राइमरी चैनल से प्रसारित होगा। इसके 52 एपिसोड प्रसारित होंगे। प्रसारण सोमवार और बुधवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे से 11.45 तक होगा। इसका प्रसारण पांच सितंबर से 18 मार्च के बीच होना है।

मिलेगा सकारात्मक सहयोग

बीएसए को निर्देशित किया गया है कि जन पहल रेडियो के माध्यम से स्कूल प्रबंध समितियों को महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान की गई है। स्कूलों की सहभागिता एवं उनके संचालन में सकारात्मक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से समितियों का गठन हुआ है। इसके माध्यम से स्कूल के पठन पाठन, छात्र-छात्राओं का नामांकन, उपस्थिति, अच्छे वातावरण के सृजन में योगदान मिलेगा। जन पहल रेडियो से जागरूकता भी आएगी।

समय से कराएंगे अवगत

आकाशवाणी के माध्यम से प्रदेश के समस्त जनपदों में इसका प्रसारण तय समय पर होगा। इसकी जानकारी ब्लाक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्कूलों को देंगे।

अभिभावक व बच्चे रहेंगे मौजूद

प्रसारण के दौरान प्रधानाध्यापक, प्रभारी सदस्य सचिव, प्रबंध समिति का दायित्व होगा कि वह समिति के समस्त सदस्यों के साथ स्कूल के समस्त बच्चे, अभिभावकों को यह सूचना देंगे। स्कूल में रेडियो सेट उपलब्ध कराएंगे। प्रसारण के बाद उसका फीडबैक लेकर उसकी रिपोर्ट देनी होगी। बीएसए संगीता ¨सह ने बताया कि इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।

Posted By: Jagran