जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : यूपी बोर्ड से जारी की गई परीक्षा केंद्रों की सूची में तमाम अनियमितताएं उजागर होने पर चयन के जिम्मेदारों पर प्रश्नचिह्न लगने शुरू हो गए हैं। प्रबंधक व प्रधानाचार्य आवास वाले कालेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। वहीं कुछ ऐसे भी विद्यालय परीक्षा केंद्र बन गए जहां सीसीटीवी कैमरे, फर्नीचर और आवागमन का सुगम मार्ग नहीं है।

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्रों की सूची जारी हुई है। गौरियापुर, उरिया, भेवान, कठारा, सुजौर, मीनापुर, बाढ़ापुर सहित 88 कालेज केंद्र बने हैं। जर्जर भवन सहित अन्य खामियां सूची में उजागर होने के बाद जिले में तरह-तरह चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। नकल विहीन और सकुशल परीक्षा कराने वाले कई विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बन सके हैं। कुछ प्रधानाचार्यों ने बताया कि उनके विद्यालय के छात्र-छात्राओं का आवंटन भी तय दूरी मानक से अधिक दूरी वाले कालेजों में कर दिया है। इससे छात्र-छात्राओं को आने-जाने में असुविधा होगी। तीन राजकीय, 49 सहायता प्राप्त व 36 वित्तविहीन विद्यालयों को मिलाकर कुल 88 विद्यालय केंद्र बनाए गए हैं, इनमें 49,723 छात्र- छात्राएं परीक्षा देंगे। कुछ कालेजों में एक हजार से ऊपर परीक्षार्थी आवंटित कर दिए गए हैं जिससे प्रधानाचार्य परेशान हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त संसाधन न होने के कारण छात्र-छात्राओं को बैठाने में परेशानी होगी। डीआईओएस अरविद कुमार द्विवेदी ने परिषद कार्यालय से जारी सूची को सार्वजनिक कर 13 जनवरी तक आपत्तियां मांगी गई है। उन्होंने बताया कि आपत्तियों पर मंथन के बाद अंतिम सूची तैयार होगी। नामित कमेटी करेगी आपत्तियों पर मंथन

फिलहाल आपत्तियां लेने के बाद जिलाधिकारी की नामित कमेटी परीक्षा केंद्रों पर अंतिम निर्णय लेगी। प्रधानाचार्य केंद्रों की सूची को लेकर छात्र-छात्राओं के आवंटन को लेकर प्रत्यावेदन देने की तैयारी में जुट गए हैं।

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