जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : घाटमपुर थाना क्षेत्र में करीब चार वर्ष पूर्व महिला का शव फंदे पर लटकता मिला था। मामले में मृतका के पिता ने पति, सास, ससुर सहित अन्य ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम सुनील कुमार यादव की कोर्ट में चल रही थी। मामले में न्यायालय ने पति को दोष सिद्ध करते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

घाटमपुर थाना क्षेत्र के भदरस गांव में दिसंबर 2017 में महिला का शव फांसी पर लटकता मिला था। सजेती थाना क्षेत्र के मैधरी गांव निवासी मृतका के पिता छेदालाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि पुत्री मनीषा की शादी मई 2015 में घाटमपुर थाना के भदरस गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार के साथ की थी। ससुर पूरन, मनोज कुमार, अरविद कुमार, अर्चना, बंदना सहित अन्य लोगों पर पुत्री की हत्या का आरोप लगाया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पति, ससुर सहित अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम में चल रही थी। नियत तिथि पर शनिवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मृतका के पति धर्मेंद्र कुमार को दोषसिद्ध किया है। वहीं ससुर पूरन को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता डा. विजय सिंह ने बताया कि महिला के साथ मारपीट कर उसे फंदे पर लटका दिया गया था। मामले में न्यायालय ने दोषी धर्मेंद्र कुमार को दोष सिद्ध करते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। वहीं ससुर पूरन को दोषमुक्त किया गया है।

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