संवाद सूत्र, सरवनखेड़ा (कानपुर देहात) : गजनेर थाना क्षेत्र के सैंथा गांव में लोगों की गलत टिप्पणी से आहत होकर युवक कुशल दुबे ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने गांव के ही तीन युवकों के नाम लिखे हैं। पिता ने तीन युवकों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है। मृतक परिवार का इकलौता था।

सैंथा गांव निवासी सुखराम दुबे के 18 वर्षीय पुत्र कुशल दुबे ने बुधवार को घर के कमरे में साड़ी का फंदा लगाकर जान दे दी। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला तो स्वजन उसे बुलाने गए। अंदर से दरवाजा बंद होने पर खिड़की से झांका तो होश उड़ गए, उसका शव फंदे पर लटक रहा था। पिता सुखराम ने बताया कि गांव के कुछ लोग द्वेषवश मेरे बेटे पर गलत टिप्पणी करते थे। आरोप है कि उसे धमकाया भी जा रहा था, इससे वह काफी परेशान रहने लगा था। घर पर उसने एक बार यह बात कही पर यह नहीं पता था कि उससे आहत होकर बेटा ऐसा कदम उठा लेगा। गांव के बिट्टी, धुन्नू व भुल्लन के खिलाफ उन्होंने थाने में तहरीर दी। थाना प्रभारी गजनेर शिवप्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

वाट्सएप ग्रुप पर भी होती थी टिप्पणी

गांव में युवाओं के दो वाट्सएप ग्रुप बने हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उसमें भी अलग-अलग गुट बनाए युवा एक दूसरे पर टिप्पणी करते हैं। कुशल पर भी उन लोगों ने टिप्पणी की थी। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा, लेकिन कोई यह बात समझ ही नहीं पाया। इकलौते बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह से टूट चुका है।

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