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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पतारा में दूसरे दिन हंगामे के बाद किसानों को मिली खाद

By JagranEdited By:
Published: Wed, 03 Nov 2021 12:25 AM (IST)

संवाद सहयोगी घाटमपुर पतारा स्थित साधन सहकारी समिति में खाद की मांग को लेकर किसानों ने

पतारा में दूसरे दिन हंगामे के बाद किसानों को मिली खाद
पतारा में दूसरे दिन हंगामे के बाद किसानों को मिली खाद

संवाद सहयोगी, घाटमपुर : पतारा स्थित साधन सहकारी समिति में खाद की मांग को लेकर किसानों ने दूसरे दिन भी हंगामा किया। जिला पंचायत सदस्य भी किसानों के साथ तीन घंटे धरने पर बैठे रहे। एसडीएम आयुष चौधरी ने पहुंचकर जब खाद बंटवाई तब किसान शांत हुए।

पतारा स्थित साधन सहकारी समिति में खाद के लिए आसपास के कई गांवों के किसान परेशान हो रहे थे। किसानों ने बीते सोमवार को सहकारी समिति के बाहर हंगामा करते हुए एसडीएम से शिकायत की थी। मंगलवार को एक बार फिर किसान पहुंचे तो उन्हें खाद नहीं मिली। इस पर किसानों ने दोबारा हंगामा करते हुए धरना दे दिया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रवीण मिश्र उर्फ कल्लू भी पहुंच गए। किसानों के साथ वह भी धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना पर एसडीएम आयुष चौधरी भी पहुंचे। उन्होंने खाद मिलने का आश्वासन देते हुए धरना खत्म करने की मांग की। इस पर किसानों ने कहा कि जब तक खाद नहीं मिलेगी तब तक धरना नहीं खत्म होगा। एसडीएम के निर्देश पर करीब एक बजे समित में पहुंच सचिव अरुण त्रिपाठी ने किसानों को डीएपी खाद वितरित की। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।

हड़ताल के चलते किसानों को खाद वितरण नहीं किया

संवाद सहयोगी, रसूलाबाद : नौहा नौगांव की साधन सहकारी समिति में पंजीकृत 70 किसान सदस्यों के लिए आई 500 बोरी खाद में अभी केवल एक तिहाई खाद ही वितरित की जा सकी है। एसडीएम ने सोमवार को छापा मारने के बाद मंगलवार को खाद वितरण के निर्देश दिए थे लेकिन सचिव ने कलम बंद हड़ताल होने का हवाला देकर खाद वितरण नहीं किया।

नौहा नौगांव स्थित साधन सहकारी समिति के सचिव संजीव कुमार ने मोबाइल फोन पर बताया कि उसके यहां कुल 70 किसान सदस्य हैं वह 500 बोरी डीएपी वितरण के लिए लाया था, जिसमें 31 अक्टूबर को 16 किसानों को 31 बोरी व एक नवंबर को 133 बोरी खाद वितरित की गई है। शेष खाद अभी समिति में रखी है। बुलंद शब्दों में बताया कि समिति में रखी हुई खाद स्टाक रजिस्टर के हिसाब से कम है, क्योंकि सोमवार को एसडीएम व तहसीलदार उसका स्टाक एवं वितरण रजिस्टर ले गए थे, इसलिए स्टाक व वितरण रजिस्टर पर सही अंकन भी नहीं हो पाया है जबकि खाद अधिक वितरित की जा चुकी है। वह किसानों की भीड़ के कारण उनके आधार कार्ड व इंतखाब लेकर अंगूठा लगवा लेते हैं इसके बाद फुर्सत में रजिस्टर दुरुस्त करते हैं। एसडीएम जीतेंद्र कटियार ने बताया कि वह सचिव के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं मंगलवार को खाद का वितरण समिति में करवाने का उसे निर्देश दिया था। सचिव के बचाव में उनके विभाग के एसीओ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में सचिवों की कलम बंद हड़ताल चल रही है। संगठन के लोगों के विरोध किए जाने के कारण खाद वितरित नहीं करवाई गई है। एसडीएम रसूलाबाद को शायद सचिवों के प्रदेशव्यापी हड़ताल की जानकारी नहीं होगी।