शुभम तिवारी, रनियां

संकट के समय परिवार आपके साथ पूरी ताकत व प्यार से साथ हो तो बड़ी आसानी से उबरा जा सकता है। आधुनिक जीवन में संयुक्त परिवार की जगह एकाकी परिवार अधिक हो रहे और इससे सामाजिक पतन भी हो रहा है। कोरोना काल में अलियापुर गांव का संयुक्त सिंह परिवार अपनी इसी प्यार व एकता को बरकरार रख संक्रमण के खतरे से दूर रहे। कुछ समस्या भी आई तो आसानी से उसे पार कर लिया।

सेवानिवृत्त एसआइ राजपाल व उनके बड़े भाई रघुनाथ सिंह का परिवार आसपास गांव में प्रेम व एकता का मिसाल है। इस परिवार में तीन पीढि़यां एक साथ हैं और एक ही चूल्हा जल रहा। बीते वर्ष से कोरोना का असर इस परिवार पर भी पड़ा लेकिन आपसी प्यार से वह बहुत देर तक नहीं टिक पाया।

कोरोना संक्रमण बढ़ा तो राजपाल के बेटे सागर व रघुनाथ के बेटे भानू की प्राइवेट नौकरी पर संकट आया। सभी की तरह उनके मन में भी निराशा भर आई, लेकिन इसी समय पर परिवार काम आया। सभी ने मिलकर समझाया कि परिवार तो उनके साथ है। कोई संकट हमेशा के लिए नहीं होता है। सही सलाह व प्यार से दोनों उबरे और फिर से जिदगी की गाड़ी पटरी पर आ गई। घर महिलाओं में भी इतना प्यार और समझ है कि सगी बहन लगती हैं। विकास सिंह कहते हैं कि घर के बड़ों ने बचपन से ही सिखाया कि जो अकेला होता है वह कमजोर और जो एक साथ होते हैं वह मजबूत और ताकतवर होते हैं। एक दूसरे के प्रति सम्मान व प्यार ही हमारी पहचान है। आगे भी यह प्यार बना रहेगा और हम हर संकट को पार करेंगे।