फतेहपुर, जागरण संवाददाता। Zika Virus in UP कानपुर के बाद जीका वायरस ने जिले में दस्तक दे दी है। गुरुवार त्रिलोकीपुर गांव में 37 वर्षीय युवक पर जीका की पुष्टि हुई है। पीडि़त की हालत सामान्य है, इसे स्वास्थ्य विभाग ने घर में ही आइसोलेट किया है। गांव में अलर्ट जारी करते हुए साफ-सफाई, फागिंग, कानपुर के हालातों को देखते हुए जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। यूं तो जीका को रोकने के लिए कोई टीका या विशेष दवा नहीं बनी हैं, लेकिन जीका से पीडि़तों के लिए 61 बेड तैयार किए गये हैं। इन बेडों में सिम्पटोमैटिक (लक्षण आधारित) उपचार दिया जाएगा।

त्रिलोकीपुर में जीका वायरस निकलने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। दोपहर बाद डीएम अपूर्वा दुबे, सीडीओ सत्य प्रकाश, सीएमओ डा. राजेंद्र सिंह व एडिशन सीएमओ डा. एसपी जौहरी ने गांव पहुंच कर हालात देखे। इस गांव में हर घर में बुखार रोगी खोजने का सर्वे शुरू किया गया। पहले दिन 82 घरों का सर्वे हुआ है, अगले दिन यहां अवशेष बचे 290 घरों का सर्वे किया जाएगा। जीका पीडि़त के घर से उसकी माता-पिता व आठ पड़ोसियों की सैंपङ्क्षलग कराई गई है। जिले में अगर कहीं भी कोई जीका का संभावित या प्रमाणित मरीज निकलता है तो उसे जिला अस्पताल, पीएचसी-सीएचसी के आरक्षित बेडों में भर्ती कर लक्षण आधारित उपचार दिया जाएगा। गांव में एक साथ सफाई, फाङ्क्षगग, जांच जैसी गतिविधियां शुरू होने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। लोग इस अनजान बीमारी को लेकर डरे व सहमें हैं, बच्चों को घर से नहीं निकाल रहे हैं। एडीओ पंचायत तेलियानी अशोक तिवारी पूरे दिन 20 सदस्यीय सफाई दल के साथ गांव की सफाई में जुटे रहें। 

इनका ये है कहना: 

जिले में पहला जीका वायरस मिला है, रोकथाम के सारे प्रयास किए जा रहे हैं, गांव-गांव बुखार पीडि़त मरीजों की सूची बनाई जा रही है। जीका के संदेह पर सैंपलिंग भी की जा रही है। त्रिलोकीपुर में मिले मरीज को घर में ही आइसोलेट कर दिया है। -- अपूर्वा दुबे डीएम 

Edited By: Shaswat Gupta