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IIT Kanpur के सहयोग से दूर होंगी कोल्हापुर की समस्याएं, युवाओं को मिलेगा रोजगार

आइआइटी के सहयोग से कोल्हापुर स्टार्टअप मिशन लांच हुआ था जिसके तहत अबतक छह स्टार्टअप फाइनल हुए हैं। 15 से 31 जनवरी के बीच 600 से अधिक प्रविष्टियां मिलीं जिसमें चयन किया गया है। कोल्हापुर में उद्यमिता और नवांचार बढ़ाने के लिए पहल है।

By Abhishek AgnihotriEdited By: Published: Thu, 04 Mar 2021 11:58 AM (IST)Updated: Thu, 04 Mar 2021 11:58 AM (IST)
IIT Kanpur के सहयोग से दूर होंगी कोल्हापुर की समस्याएं, युवाओं को मिलेगा रोजगार
कानपुर आइआइटी के स्टार्टअप के तहत विभिन्न कार्यों को लेकर आवेदन मांगे गए थे।

कानपुर, जेएनएन। आइआइटी कानपुर के सहयोग से कोल्हापुर की समस्याएं दूर करने का खाका तैयार हो गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप किए जाएंगे, जिनसे न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि रोजमर्रा की दिक्कतें दूर हो सकेंगी। इसे लेकर काम भी शुरू हो गया है और जल्द ही धरातल पर नजर आने लगेगा।

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आइआइटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर, कोहलापुर इंक्यूबेशन सेंटर डीवाई पाटिल एजुकेशन ग्रुप के सहयोग से काेल्हापुर स्टार्टअप मिशन लांच किया गया था। इसमें तकनीकी संस्थानों के छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और विशेषज्ञों से जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, ई-शासन, कृषि और परिवहन आदि के क्षेत्र में उद्यमिता विकास करने के लिए आवेदन मांगे गए थे।

कोल्हापुर स्टार्टअप मिशन को 15 से 31 जनवरी के बीच 600 से अधिक प्रविष्टियां मिलीं। इनमें से दूसरे दौर के लिए 133 और तीसरे के लिए 60 का चयन हुआ। अंतिम राउंड का आयोजन दो मार्च को हुआ, जिसमें 15 प्रविष्टियों को लिया गया। सबसे आखिर में छह का नाम फाइनल हुआ। यह स्टार्टअप कोल्हापुर इनोवेशन सेंटर और आइआइटी कानपुर से तकनीकी, वित्तीय और सह इंक्यूबेशन समर्थन प्राप्त करेंगे। आइआइटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंद्योपाध्याय ने बताया कि कोल्हापुर में उद्यमिता और नवांचार की भावना को विकसित करने और बढ़ाने के लिए एक पहल है।

इनके स्टार्टअप हुए चयनित

1-अंकित पटेल, कानपुर : विभिन्न मॉड्यूलर फ्लोटेशन उत्पाद और उनके समाधान विकसित किए हैं, जो शीर्ष स्थान का दावा करते हैं, कोल्हापुर में झील के कायाकल्प के लिए फ्लोटेशन उत्पादों का उपयोग करना है।

2-रोहन सालवी, पुणे : झील, नदियों और बड़े जल निकायों को साफ करने के लिए एक नवीन उत्पाद, रिवरबिन विकसित किया है। यह इंदिरा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, पुणे महाराष्ट्र के छात्रों की एक टीम है।

3-तेजस्विनी माली, पुणे : एक अद्वितीय डिजाइन के साथ स्पर्श-रहित, निर्जल और गंध रहित इनडोर और आउटडोर मूत्रालयों क विकास किया है।

4-रौनक सुतारिया, मुंबई : भारत का पहला वैज्ञानिक रूप से मान्य वास्तविक समय वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क समाधान बनाया है। उनके उत्पाद कम-लागत सेंसर आधारित एटमॉस एयर क्वालिटी डिवाइस और एक स्ट्रीमिंग डेटा एनालिटिक्स डैशबोर्ड प्रदान करते हैं, जो कि नागरिक प्राधिकारियों और स्थानीय नागरिकों को कोल्हापुर में वायु गुणवत्ता की स्थिति को समझने की मदद करेगा।

5-समुदययोग वेस्ट चक्र (प्रा.) ली. : चेन्नई, समुदययोग अपशिष्ट चक्र, अपशिष्ट को बाहर निकालने के लिए उन्नत तकनीक विकसित करने में विशिष्ट कंपनी है। उन्होंने दो प्रमुख इकाइयां विकसित की हैं, जिनमें विकेंद्रीकृत प्लास्टिक पायरोलिसिस प्रणाली और एकोफर्ट इकाई शामिल हैं।

6-सुमित पोवार, कोल्हापुर : इको-ग्रीन इंडिया ने एक उपकरण विकसित किया है जो एक पुराने वाहन को बीएस छह मानदंडों के करीब ला सकता है। इससे वायु प्रदूषण को कम करने में काफी मदद मिलती है।


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