इटावा, जेएनएन। शहर के माखनपुर चौबिया से गुमशुदा प्रधानाध्यापक की हत्या की हकीकत सामने आई तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। गुमशुदगी से लेकर हत्या तक की पूरी स्क्रिप्ट पत्नी ने लिखी, जिसे उसके शिक्षक प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस की स्पेशल टीम ने घटना से पर्दा उठाया तो सभी सन्न रह गए। किसी को विश्वास न हुआ कि बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले ही इतनी गिरी हुई हरकत को अंजाम दे चुके हैं।

ये हुई थी घटना

माखनपुर चौबिया निवासी 35 वर्षीय सुनील कुमार बंजारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केशोपुर राहिन में प्रधानाध्यापक थे। वह घर में शिक्षामित्र पत्नी रेखा के साथ रहते थे। बीती 30 मई को अचानक सुनील लापता हो गए थे। पत्नी ने थाने में 8 जून को पति की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी। घटना के बाद से शिक्षक जगत में रोष का माहौल भी बनने लगा था। इसपर एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने लापता प्रधानाध्यापक की तलाश के लिए एएसपी ग्रामीण, एएसपी अपराध तथा सीओ सैफई के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच व थाना चौबिया से दो टीमों बनाई थीं।

इस तरह पत्नी पर गहराया शक

पुलिस टीम लापता सुनील की तलाश के लिए परिजनों से पूछताछ कर रही थी। पुलिस का पता चला कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊमरसेड़ा भरथना में शिक्षक सुखवीर सिंह यादव का सुनील के घर बहुत आना जाना था। वह अक्सर सुनील की गैरहाजिरी में भी आता था और कई बार रेखा को भी उसके साथ देखा गया था। पूछताछ में रेखा ने पति की गुमशुदगी को हल्के में लिया तो पुलिस का शक गहरा गया। इसपर पुलिस ने सुखवीर और रेखा के बीच संबंध तलाशने शुरू किए।

कड़ाई से पूछताछ बाहर आया हत्या का सच

पुलिस ने रेखा और सुखवीर से कड़ाई से पूछताछ की हत्या का सच बाहर आ गया। एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि तीन दिन पहले तक सुखवीर और रेखा गुमशुदगी को लेकर पुलिस को गुमराह करते रहे। पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक तथा मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर सुखवीर यादव और रेखा से कड़ाई से पूछताछ की तो घटना से परदा उठा। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल में सुखवीर का दोस्त रामप्रकाश यादव का नाम सामने आया। उसी ने सुनील को ठिकाने लगाने, सुबूत नष्ट कर छिपाने में अहम् भूमिका निभाई थी। उसने हत्या करने के लिए पूर्व में 10 हजार रुपये लेना कबूल किया। अवैध संबंधों के चलते शिक्षामित्र पत्नी ने अपने शिक्षक प्रेमी व उसके दोस्त के हाथों प्रधानाध्यापक पति की हत्या करवा दी।

इस तरह दिया गया घटना को अंजाम

घर आने पर रेखा और सुखवीर के बीच प्रेम संबंध हो गए। इसके बाद रेखा ने प्रधानाध्यापक पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सुखवीर ने पुलिस को बताया कि सुनील से मित्रता के चलते घर प्राय: आता-जाता था। इसी दौरान रेखा से उसके अवैध संबंध हो गए। सुनील की हत्या कराने के लिए मित्र रामप्रकाश यादव को 10 हजार रुपये दिए थे लेकिन तब उसे नहीं मार सके थे। रेखा से जानकारी मिलने के बाद वह 30 मई को सुनील को अपने गांव कुसैली स्थित घर ले गया।

रात में कमरे में सुलाने के बाद उसके सिर पर फावड़ा मारकर हत्या कर दी। दोस्त की मदद से शव को कई टुकड़े करने के बाद गड्ढा खोदकर डाल दिया और मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। इसके बाद मिट्टी डालकर गड्ढा बंद कर दिया। सुनील की कार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन की पार्किंग में खड़ी करा दी थी। अज्ञात फोन नंबर से कॉल करके सुनील के परिवारीजन को कार के बारे में सूचना दी थी ताकि ऐसा समझा जाए कि सुनील कानपुर स्टेशन पर कार खड़ी करने के बाद टे्रन से कहीं लापता हो गए हैं।

परिवारीजनों और पुलिस को गुमराह करते रहे दोनों

पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट शिक्षामित्र पत्नी ने तैयार की थी। इसके बाद दोनों ही दुनिया की नजरों में धूल झोंकते रहे। शिक्षक सुखवीर सिंह यादव पखवाड़े भर तक गुमराह करता रहा। सुनील के परिवारीजन और पुलिस प्रशासन को दिखाने के लिए वह शराफत का नकाब ओढ़कर तलाश में जुटा रहा। वह और प्रेमिका रेखा कुछ समय बाद उनके लौटने की बात कहकर परिजनों को दिलासा देते रहे। घटना के 18वें दिन मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर सुनील की शिक्षामित्र पत्नी रेखा, उसके प्रेमी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊमरसेड़ा भरथना में शिक्षक सुखवीर सिंह यादव और उसके दोस्त रामप्रकाश यादव निवासी बंजाराहार थाना एरवाकटरा औरैया को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर सुनील के शव के अवशेष सुखवीर के घर से बरामद किए। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Abhishek

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस