कानपुर, जेएनएन। बिकरू कांड में मुख्य आरोपित विकास दुबे के गुर्गे अमर दुबे की पत्नी को जेल से निकालकर बाराबंकी भेज दिया गया है, यह कार्यवाही किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर हुई है। वहीं अधिवक्ता ने उसकी जान का खतरा बताते हुए बोर्ड में प्रार्थना पत्र भी दिया है, हालांकि अभी इसपर कोई निर्णय नहीं हुआ है।

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बिकरू कांड में मुख्य आरोपित विकास दुबे के खास गुर्गे अमर दुबे के एनकाउंटर के बाद उसकी पत्नी का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें वह अपने रिश्तेदारों को फोन पर घटना की सूचना दे रही थी। ऑडियों वायरल होने के बाद एक बात साफ हो गई थी कि उसने पुलिस से घटना की जानकारी छिपाई थी। इसे साजिश मानते हुए पुलिस ने उसे बिकरू कांड का सहआरोपित बनाकर आठ जुलाई को जेल भेज दिया था।

इसके बाद उसके पिता ने विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट में बेटी के नाबालिग होने का प्रार्थना पत्र दिया था। सुनवाई के बाद मामला किशोर न्याय बोर्ड माती में स्थानांतरित हो गया था। बोर्ड ने समस्त दस्तावेज परीक्षण और प्रधानाचार्य की गवाही के बाद उसे नाबालिग माना था।

वरिष्ठ अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि 11 सितंबर को उसे जेल से लाकर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया था। बोर्ड के आदेश के बाद सोमवार की सुबह जेल से निकालकर उसे बाराबंकी संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। सोमवार को एक और प्रार्थना पत्र बोर्ड को दिया, जिसमें उसकी तबियत खराब होने के साथ जान का खतरा होने का अंदेशा जताते हुए सुरक्षा की मांग की है। अधिवक्ता ने बताया कि इस पर जल्द ही कोई निर्णय हो सकता है।

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