यूपीसीए रणजी मैचों के लिए नए स्थलों की तलाश में, वाराणसी को मिल सकती मेजबानी
कानपुर के ग्रीन पार्क में निर्माण कार्य और कमला क्लब की लीज समाप्त होने के कारण शहर रणजी मैचों की ...और पढ़ें

HighLights
ग्रीन पार्क में निर्माण कार्य और कमला क्लब की लीज समाप्त होने के कारण शहर की झोली रह सकती खाली
लखनऊ, मेरठ, नोएडा, सहारनपुर व वाराणसी स्टेडियम को मिल सकती बोर्ड ट्राफी मुकाबलों की मेजबानी
अंकुश शुक्ल, कानपुर। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के घरेलू सत्र की शुरुआत दलीप ट्राफी से हो चुकी है। अब अक्टूबर से शुरू होने वाले रणजी ट्राफी के लिए उप्र क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) आयोजन स्थल की खोज कर रहा है। ग्रीन पार्क स्टेडियम में निर्माण कार्य की शुरुआत की संभावना और कमला क्लब की लीज समाप्त हो जाने से मेजबानी की दौड़ में कानपुर की उम्मीद खत्म दिख रही है।
पहले चरण में होने वाले तीन मुकाबलों की मेजबानी की दौड़ में लखनऊ, मेरठ, नोएडा और सहारनपुर शामिल है। वहीं, 17 जनवरी से चार फरवरी तक रणजी ट्राफी के दूसरे चरण में होने वाले मुकाबलों में उप्र को आवंटित मुकाबले वाराणसी की मेजबानी में कराने की तैयारी में यूपीसीए जुट गया है।
रणजी ट्राफी का पहला चरण 11 अक्टूबर से चार नवंबर तक खेला जाएगा। इसमें उप्र को गोवा, बड़ौदा व जम्मू कश्मीर के साथ घरेलू मैदानों में मुकाबले खेलने होंगे। जिनके लिए आयोजन स्थल पर यूपीसीए ने मंथन शुरू कर दिया है। यूपीसीए रणजी ट्राफी के साथ घरेलू मैदानों में होने वाले कर्नल सीके नायडू अंडर-23 ट्राफी और कूच बिहार ट्राफी के तीन-तीन मैच के आयोजन में लखनऊ के इकाना स्टेडियम, सहारनपुर व मेरठ की दावेदारी सबसे प्रबल है।
यूपीसीए के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि वाराणसी का गंजारी स्टेडियम दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। स्टेडियम में पिच की परख के लिए मैत्रीय मैच कराया जाएगा। इसके बाद रणजी ट्राफी के दूसरे चरण में होने वाले मुकाबलों की मेजबानी देने की योजना है।
यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने बताया कि ग्रीन पार्क में नव निर्माण व कमला क्लब की लीज समाप्ति के बाद अब यूपीसीए नए सेंटर की खोज कर रहा है। उन्नाव में भी यूपीसीए का नया सेंटर बनाया जा रहा है।
