जागरण संवाददाता, कानपुर : उर्सला अस्पताल के सर्जनों को किसी का डर नहीं है। मंत्री के निर्देश के बाद भी उर्सला के दो डॉक्टरों पर आपरेशन के लिए आठ हजार रुपये मांगने का आरोप तीमारदार ने लगाया है। पैसे नहीं देने पर मरीज की फाइल गायब कर दी गई, आपरेशन भी नहीं किया। तीमारदार ने आपेरशन के लिए पैसे मांगते हुए डॉक्टर का वीडियो बनाकर वाट्सएप पर वायरल कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने सर्जन डॉ. बीके सिंह से जबाव तलब किया है।

हंसपुरम (नौबस्ता) वार्ड 41 निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिव प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी मां सरोज सिंह की बच्चेदानी का आपरेशन होना था। इसके लिए एक कैबिनेट मंत्री ने सीएमओ को आपरेशन कराने के लिए फोन किया। मंत्री के पीआरओ राकेश तिवारी ने सर्जन डॉ. बीके सिंह से बात की। बावजूद इसके डॉ. बीके सिंह ने आठ हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। कहा, यह आपरेशन बाहर कराओगे तो 35-40 हजार रुपये लगेंगे। पैसे हैं तो कराओ, वरना आपरेशन के समय दो से तीन हजार दोगे तो आपरेशन नहीं होगा। शिव प्रताप का कहना है कि मरीज की फाइल बनवाई जिसे वार्ड नंबर 7 में जमा कराने के नाम पर दो सौ रुपये लिए गए। डॉ. केसी भारद्वाज ने फाइल जमा करने से पहले हार्ट का चेकअप किया। फाइल में साइन एवं मुहर लगाने के नाम पर दो सौ रुपये ले लिये। आपरेशन के लिए जब मां को लेकर गए तो फाइल गायब थी। पैसे नहीं मिलने पर डॉक्टर ने आपरेशन करने से मना कर दिया। इस संबंध में डॉ. बीके सिंह का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो स्विच आफ मिला।

पुनर्नियोजन के तहत हैं तैनात

सर्जन डॉ. बीके सिंह एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी भारद्वाज सेवानिवृत हो चुके हैं। पुनर्नियोजन के तहत दोनों की उर्सला में तैनाती है। इसलिए इन्हें नौकरी जाने का कोई डर भी नहीं है।

वर्जन

पैसे मांगते डॉक्टर का वीडियो मिला है। दोनों डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भी मिली है। दोनों से जबाव-तलब किया जाएगा।

- डॉ. मुन्ना लाल विश्वकर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, उर्सला अस्पताल।

By Jagran