जागरण संवाददाता, कानपुर : यूपीएसआइडीसी अब औद्योगिक क्षेत्रों में व्यावसायिक भूखंडों की ई नीलामी करेगा। अभी यहां नीलामी के लिए विज्ञापन निकालने में लाखों रुपये खर्च करने होते हैं। अब प्रबंधन कंसलटेंट के जरिए ई नीलामी की सुविधा उपलब्ध कराएगा। यूपीएसआइडीसी बोर्ड की लखनपुर में आयोजित बैठक में प्रबंध निदेशक रणवीर प्रसाद के प्रस्ताव को चेयरमैन अनूप चंद्र पांडेय ने मंजूरी दी। एमडी ने उन्हें बताया कि जो कंसलटेंट तैनात होगा वह बड़ी कंपनियों से भी संपर्क करेगा और उन्हें औद्योगिक क्षेत्रों की खूबी बताएगा फिर नीलामी में प्रतिभाग कराएगा।

बैठक में तय किया गया कि

औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर 1057 करोड़ रूपये खर्च किया जाएगा। इस राशि से औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण व पुनर्ग्रहण, सड़क , नाला, पेयजल , विद्युत सब स्टेशन आदि की स्थापना का कार्य होगा। वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। विभिन्न तरह की अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर 1.274 करोड़ रुपये खर्च करने पर सहमति बनी। पनकी औद्योगिक क्षेत्र के साइट दो व चार में पार्को की बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए धन देने पर सहमति बनी। प्रबंध निदेशक रणवीर प्रसाद ने मेगा फूड पार्क की परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए भूखंड आवंटन के लिए आवेदन की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने का प्रस्ताव दिया। निदेशक मंडल ने कहा कि कोई भी कंपनी कभी भी आवेदन कर सकती है और उसे उसकी जरूरत के अनुरूप भूमि दी जाए। इससे फूड प्रोसेसिंग से संबंधित इकाइयां स्थापित होंगी तो किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। गाजियाबाद में मेट्रो प्रोजेक्ट में निगम को 97 करोड़ रूपये निवेश करना है। निगम पहले 43.30 करोड़ रूपये दे चुका है। 30 करोड़ रूपये इसी माह देने पर सहमति बनी। चेयरमैन ने कहा कि मथुरा के कोसी कोटवन, फर्रुखाबाद के खिनसेपुर औद्योगिक क्षेत्र समेत ऐसे औद्योगिक क्षेत्र जहां भूखंडों की मांग कम है वह के लिए माइक्रो प्लान बनाएं। जो भी जरूरतें हैं उन्हें पूरी कर लें और उद्यमियों को वहां निवेश के लिए प्रेरित करें। भाऊपुर में इंटीग्रेटेड मैन्यफुक्च¨रग क्लस्टर की स्थापना होनी है। यहां 20 हजार एकड़ भूमि अधिसूचित है। फिलहाल 25 सौ एकड़ भूमि अधिग्रहीत व पुनर्ग्रहीत होनी है। उद्यमी गौतम अडानी समेत कई बड़े औद्योगिक घरानों ने यहां लॉजिस्टिक हब बनाने को भूमि देखा है। यह प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर आए इसलिए सामाजिक अध्ययन कंसलटेंट से कराने पर सहमति बनी। निगम के अफसर किसानों को लैंड पुलिंग स्कीम के तहत भूमि देने के लिए सर्वे कर रहे हैं। इस अवसर पर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के रवींद्र नायक, केस्को एमडी सौम्या अग्रवाल, निगम के कंपनी सचिव आरके पुरवार, औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी डीके सिंह, वित्त नियंत्रक अजय सिंह उपस्थित रहे।

निगम को होने वाली आय

- 2018-19 के लिए अवशेष : 10.86 अरब

- विभिन्न मदों राजस्व प्राप्तियां : 2 अरब 60 लाख

- निगम को होने वाली पूंजीगत आय: 12 अरब 52 करोड़

- कुल होने वाली आय : 24 अरब 92 करोड़

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निगम को होने वाला व्यय

- वेतन व अन्य मदों में राजस्व व्यय : 1 अरब 66 करोड़

- विकास कार्यो से जुड़ा पूंजीगत व्यय : 10 अरब 57 करोड़

Posted By: Jagran