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UPSIDC की भर्तियों में अनियमितता पर तीन अधिकारियों पर FIR, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियों का आरोप

Published: Fri, 09 Oct 2026 03:04 AM (IST)

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) में 2007-2009 के दौरान हुई भर्तियों में अनियमितता के मामले में कानपुर विजिलेंस सेक्टर ने तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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HighLights

  1. यूपीएसआइडीसी भर्ती अनियमितता मामले में कानपुर विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया।

  2. तीन अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों से नियम विरुद्ध नियुक्तियों का आरोप है।

  3. शासन के आदेश पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) में वर्ष 2007 से 2009 के बीच हुई भर्तियों में अनियमितता के मामले में विजिलेंस सेक्टर कानपुर ने तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

शासन के आदेश पर हुई जांच में अधिकारियों को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नियम विरुद्ध नियुक्तियां करने का दोषी पाया गया था। विजिलेंस इंस्पेक्टर की तहरीर पर गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज की गई है।

जांच में सामने आया कि निगम में अलग-अलग चार विज्ञापनों के माध्यम से माध्यम से मानचित्रकार, आशुलिपिक, उप प्रबंधक (सामान्य), उप प्रबंधक (लेखा) और सहायक प्रबंधक (लेखा) के पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। आरोप है कि इन नियुक्तियों में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग कर अवैध लाभ के लालच में नियमों को दरकिनार किया गया।

विजिलेंस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के दिए थे निर्देश

अधिकारियों पर आपस में साठगांठ कर अनियमित नियुक्तियां कराने का भी आरोप है। मामले में अधीक्षण अभियंता एवं प्रबंधक (कार्मिक) ओएसडी अजीत सिंह, तत्कालीन संयुक्त प्रबंध निदेशक तपेन्द्र प्रसाद और सहायक प्रबंधक (कार्मिक) सुधीर कनौजिया को जांच में दोषी पाया गया। शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए थे।

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विजिलेंस ने तीनों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी करने और षडयंत्र रचाने तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब विवेचना में भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेजों और नियुक्तियों से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाएगी। विजिलेंस कानपुर सेक्टर के इंस्पेक्टर जुबैर अहमद ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।