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कानपुर में कृष्णा हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर हंगामा, 3 दिन रखा वेंटिलेटर पर, लखनऊ ले जाने पर सौंपा शव

Published: Tue, 15 Sep 2026 03:41 PM (IST)

कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, आरोप है कि मृत मरीज को ...और पढ़ें

अस्पताल में शव रखकर हंगामा करते स्वजन। जागरण

अस्पताल में शव रखकर हंगामा करते स्वजन। जागरण

HighLights

  1. मरीज विजय कुमार की कृष्णा हॉस्पिटल में मौत के बाद हंगामा।

  2. परिजनों ने मृत मरीज को तीन दिन वेंटिलेटर पर रखने का आरोप।

  3. परिवार लापरवाही पर कार्रवाई और 15 लाख मुआवजे की मांग।

जागरण संवाददाता, कानपुर। रेलबाजार थाना क्षेत्र स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में मंगलवार दोपहर मरीज की मौत के बाद हंगामा शुरू हो गया। मृतक के स्वजन ने बिल बनाने के लिए तीन दिन पहले मर चुके मरीज को वेंटीलेटर पर रखने का आरोप लगाया। बताया कि जब उन्होंने अपने मरीज को उपचार के लिए लखनऊ ले जाने की बात कहकर छुट्टी की बात कही तो उन्होंने मृत अवस्था मे सौंप दिया।

वहीं, मामले अस्पताल प्रबंधन कुछ भी कहने से बच रहा है। स्वजन अस्पताल परिसर में शव रखकर लापरवाही पर कार्रवाई और 15 लाख मुआवजा की मांग कर रहे हैं ।

बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर ढकना पुरवा निवासी 63 वर्षीय विजय कुमार राजमिस्त्री का काम करते थे। मृतक के परिवार में परिवार में पत्नी माया देवी, बेटे अजय व राकेश के अलावा दो राधा और प्रीति हैं। जिसमें अजय ही विवाहित है।

उनके बेटे निजी कंपनी कर्मी अजय ने बताया कि उनके पिता विजय कुमार को बीती 31 अगस्त की सुबह दाहिने हाथ पैर काम करना बंद कर दिया। जिसपर उन्हें टाटमिल स्थित कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया था। जहां पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। आरोप है कि बीते तीन दिनों से वह मरीज से मिलने नहीं दे रहे थे। इसपर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने उन्हें डिस्चार्ज करने को कहा।

वह लोग मंगलवार सुबह 9 बजे से दौड़ते रहे। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे डिस्चार्ज पेपर बना। इस बीच वह लोग लखनऊ के जाने के लिए एम्बुलेंस भी ले आए। पर, जब उन्हें मरीज सौंपा गया । तो वह जीवित नहीं थे। बतादें कि घटना में फिलहाल पुलिस पीड़ित परिवार को कानूनी कार्रवाई की बात कहकर समझा रही है। यहां बवाल की आशंका पर रेलबाजार, कैंट समेत भारी पुलिस बल पहुंचा। मामले में रेल बाजार थाना प्रभारी अमान सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में बातचीत हो रही है।

वहीं, मामले में हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. पीके मेहरोत्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।