यूपी पश्चिम और उत्तराखंड में आयकर संग्रह का रिकॉर्ड प्रदर्शन, 30.26 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश (पश्चिम) और उत्तराखंड क्षेत्र में आयकर संग्रह में 30.26% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है, जो नियमों के अनुपालन और प्रक्रियाओं के सरलीकरण का परिणाम है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, कानपुर। उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। शुक्रवार को मनाए जाने वाले 167वें आयकर दिवस को लेकर जारी आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार कुल आयकर दाताओं के साथ ही आयकर संग्रह भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है।
इसकी वजह नियमों के अनुपालन में की जा रही सख्ती और प्रक्रिया का सरलीकरण है। विभाग के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 जुलाई तक क्षेत्र का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 14,902.67 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 30.26 प्रतिशत अधिक है।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड क्षेत्र (कानपुर) का इस साल शुद्ध कर संग्रह 13,181.85 करोड़ रहा, जिसमें 45.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं, उद्योग-कारोबार की सुधरती सेहत का प्रतीक माना जाने वाला अग्रिम कर संग्रह 4,237.10 करोड़ रहा, जो गत वर्ष की समान अवधि से 52.71 प्रतिशत अधिक है। बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल कर संग्रह 46,544.15 करोड़ दर्ज किया गया था, जो उससे पूर्व के वर्ष (2024-25) से 13 प्रतिशत अधिक था।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल किए गए आयकर रिटर्न की कुल संख्या 37,01,353 तक पहुंच गई, जो 2.3 प्रतिशत की वृद्धि है। करदाताओं को सुलभ व पारदर्शी सेवाएं देने के लिए विभाग शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दे रहा है।
चालू वर्ष में एक अप्रैल से 21 जुलाई 2026 के बीच सीपीजीआरएएम के माध्यम से प्राप्त 1124 शिकायतों तथा ई-निवारण पोर्टल पर मिली 2929 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।
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