यूपी ब्याज माफी योजना: बकाया टैक्स पर ब्याज और जुर्माने से मिलेगी छूट, कानपुर के आसपास के 50 हजार व्यापारियों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 के तहत पांच लाख व्यापारियों को पुराने कर विवादों से मुक्ति मिलेगी, जिसमें कानपुर के ...और पढ़ें
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HighLights
यूपी ब्याज माफी योजना-2026 से व्यापारियों को राहत।
कानपुर के 50 हजार व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभ।
ब्याज व जुर्माने में 100% तक की छूट संभव।
जागरण संवाददाता, कानपुर। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 के तहत पांच लाख व्यापारियों को पुराने कर विवादों से मुक्ति मिलने की आस जगी है। इनमें कानपुर, बुंदेलखंड व आसपास जिलों के लगभग 50 हजार व्यापारी शामिल हैं। जीएसटी लागू होने से पहले के वर्षों पुराने कर निर्धारण, अपील व बकाया वसूली के प्रकरण, वैट, व्यापार कर व अन्य वाणिज्यिक करों के विवादों में फंसे व्यापारियों को योजना के तहत केवल मूल कर जमा करके ब्याज व जुर्माने में 100 प्रतिशत तक की छूट मिल सकेगी।
इसमें लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के ब्याज व अर्थदंड से मुक्ति मिलने का अनुमान है। कर सलाहकार अधिवक्ता संतोष गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के कर आयुक्त नितिन बंसल ने योजना की घोषणा की है। बकाया राशि 10 लाख रुपये तक के मामलों में ब्याज व अर्थदंड दोनों में 100 प्रतिशत राहत दी जाएगी। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 90 प्रतिशत, एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक 75 प्रतिशत व पांच करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में 50 प्रतिशत ब्याज माफ होगा।
सभी श्रेणियों में अर्थदंड की पूरी माफी का प्रविधान है। इससे अदालती बोझ भी कम होगा। पांच साल पहले भी सरकार ने ऐसी ही योजना दी थी। योजना के दायरे में उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995, प्रवेश कर अधिनियम-2007 व वैट अधिनियम-2008 समेत पुराने वाणिज्यिक कर कानूनों के अंतर्गत 31 दिसंबर,2025 तक के बकायों को शामिल करने की तैयारी है।
योजना का सीधा लाभ उन सभी छोटे-बड़े व्यापारियों को मिलेगा, जो वर्षों से विभिन्न कर निर्धारणों व अपीलों में उलझे हुए हैं। छूट की सुविधा लेने के लिए तीन माह का समय दिया गया है, जिसकी तारीख जल्द घोषित होगी।
