कानपुर में नए बिजली उपभोक्ताओं के लिए केस्को ने शुरू की 'हैप्पी आवर कॉलिंग', रोजाना कर सकेंगे 100 लोगों से बात
केस्को ने कानपुर में नए बिजली उपभोक्ताओं के लिए 'हैप्पी आवर कॉलिंग' पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य कनेक्शन प्रक्रिया ...और पढ़ें
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नए बिजली उपभोक्ताओं के लिए केस्को ने शुरू की 'हैप्पी आवर कॉलिंग'
HighLights
केस्को ने 'हैप्पी आवर कॉलिंग' पहल शुरू की।
नए उपभोक्ताओं से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया जा रहा।
प्रक्रिया में पारदर्शिता और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। बिजली के नए उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी समस्याएं जानने के लिए कस्को ने सराहनीय पहल की है। नए उपभोक्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करने और बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 'हैप्पी आवर कॉलिंग' व्यवस्था शुरू की है।
इस अभियान के तहत केस्को के अधिकारी रोजाना 100 से अधिक नए उपभोक्ताओं से फोन पर सीधे बात कर रहे हैं। खुद प्रबंध निदेशक (एमडी) नेहा जैन भी पांच-छह उपभोक्ताओं को कॉल कर उनसे आवेदन से लेकर कनेक्शन पाने और मीटर लगने एवं आपूर्ति चालू होने तक के मामले में फीडबैक ले रही हैं। ऐसे ही अन्य लोगों को भी इस कार्य में लगाया गया है।
उपभोक्ताओं से कई सवाल भी पूछे जा रहे हैं, जैसे-आवेदन का माध्यम, प्रक्रिया में असुविधा, अतिरिक्त धनराशि की मांग, मीटर स्थापना आदि मामले का विवरण भी नोट किया जा रहा है। एमडी ने बताया कि 'हैप्पी आवर कॉलग' के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं से जुड़कर 'ऊपर' से लेकर नीचे तक के कर्मिकों की कार्यशैली का पता भी चल रहा है।
यदि उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन प्रक्रिया के बीच किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा है, तो उसे नोट किया जा रहा है।
इन मुख्य बिंदुओं पर लिया जा रहा फीडबैक
- उपभोक्ता ने बिजली कनेक्शन के लिए किस माध्यम (स्वयं किया या अन्य व्यक्ति/जनसेवा केंद्र) से आवेदन किया था?
- आवेदन की पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा या देरी का सामना तो नहीं करना पड़ा?- क्या किसी अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिए द्वारा कनेक्शन देने के एवज में अतिरिक्त धनराशि (रिश्वत) की मांग की गई?
- कनेक्शन मिलने के कितने दिन बाद मीटर लगा। आपूर्ति चालू हुई या नहीं।
- मीटर स्थापना समय पर हुई या नहीं और केस्को के तकनीकी स्टाफ का व्यवहार कैसा था?
उपभोक्ताओं से सीधे संवाद से न केवल केस्को की सेवाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण में गुणवत्ता आएगी। अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली भी आसानी से जांची जा सकेगी। यदि किसी मामले में अतिरिक्त पैसों की मांग या लापरवाही की बात सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी करेंगे। -नेहा जैन, प्रबंध निदेशक-केस्को।
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