कानपुर, जागरण संवाददाता। कानपुर ग्रामीण और फतेहपुर की राजनीति में कद्​दावर नेता की छवि रखने वाले राकेश सचान ने गुरुवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की तो राजनीतिक गलियारों में हलचल खासा तेज हो गई। क्षेत्रीय कांग्रेस नेता भी एक बारगी सन्न रह गए और समाजवादी पार्टी के नेता भी कुछ समझ नहीं पाए। क्योंकि घाटमपुर सीट से दो विधायक और फतेहपुर सीट से सपा से सांसद रहे राकेश सचान ने कांग्रेस में आने के बाद बेहद खास जगह बना ली थी। वह कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा सलाहकार टीम के सदस्य भी थे, अब ऐसे में एक सवाल बार बार उठ रहा है कि आखिर उन्होंने कांग्रेस के हाथ का साथ क्यों छोड़ दिया। भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके राकेश सचान ने फोन पर हुई संक्षिप्त बातचीत में इसकी वजह स्पष्ट करते पर्दे के पीछे पूरी बात बताई। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की करनी और कथनी में अंतर है और वहां उन्हें उपेक्षा महसूस हो रही थी। उनसे जो कहा गया वह नहीं किया गया, इसलिए पार्टी छोड़नी पड़ी। कहा, भारतीय जनता पार्टी सभी को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है इसलिए भाजपा ज्वाइन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों को मजबूत करेंगे। उन्होंने बताया कि भाजपा नेतृत्व ने उनसे पूछा था कि वह कहां की सीटों से लड़ सकते हैं तो उन्होंने भोगनीपुर और बिंदकी के बारे में बताया है। अब पार्टी जो भी निर्देश करेगी या जो जिम्मेदारी देगी, उसके अनुसार काम किया जाएगा।

राकेश सचान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन करने का कारण कांग्रेस के नेतृत्व के निर्णय हैं, वहां जो कहा गया वह नहीं किया गया। घाटमपुर के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी को उन्होंने पूरी ताकत से लगकर 38 हजार से ज्यादा वोट दिलाए। जोन के प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए लखनऊ उन्नाव हरदोई बाराबंकी रायबरेली अमेठी फतेहपुर आदि जिलों में पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम किया। प्रदेश महासचिव की हैसियत से संगठन को मजबूत करने का काम करता रहा लेकिन संगठन उपेक्षा भी कर रहा था। जो हमसे कह रहा था वह नहीं कर रहा था, इसलिए हमे लगा कि कोई ना कोई फैसला अब अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुरक्षित है। भाजपा सभी को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। पार्टी जहां उनकी उपयोगिता समझेगी वहां काम करेंगे।

Edited By: Abhishek Agnihotri