कानपुर, [नरेश पांडेय]। बिकरू में 30 साल बाद कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की धमक व खौफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र के पर्व की तैयारी को उत्सव जैसा माहौल है। गैंगस्टर के फरमान पर बिकरू सहित 20 गांवों में हर बार एकतरफा मतदान होता था। इस बार ग्रामीण बिना किसी खौफ के अपनी पसंद का विधायक चुनेंगे। सोमवार को गांव के नए पंचायत भवन की सफाई संग चुनाव की तैयारी शुरू कराई गई।  

बिकरू कांड के बाद कुख्यात व उसके पांच गुर्गों को स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जेल में बंद उसके अन्य गुर्गों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। अब बिकरू और आसपास के गांवो में विकास दुबे का खौफ मिट चुका है। गांव के खुदाबक्स, मेहदी हसन व रामकिशन ने बताया कि पहलेफरमान पर हम लोगों वोट देते थे। अब मर्जी की बात है। कल्लू, सानू, चंद्र किशोर, अरुण कुशवाह बोले, इस बार अपनी मर्जी का विधायक बनाएंगे।  

उल्लेखनीय है कि बिकरू में दो जुलाई, 2020 की रात दबिश के दौरान कुख्यात विकास दुबे और उसके गैंग ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। यह मामला देश-दुनिया में चर्चित हुआ था। वर्ष 2007 तक चौबेपुर और इसके बाद  परिसीमन में बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में शामिल हुए बिकरू गांव में हर दल के प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए परिक्रमा करते रहे। ग्रामीणों के मुताबिक, बिकरू और आसपास के 20 गांवों में कुख्यात के फरमान का विरोध करने की हिम्मत किसी में नहीं थी। इसीलिए बिकरू, भीठी समेत कई ग्राम पंचायतों में निर्विरोध प्रधान चुने जाते रहे। 

तैनात रहेगा अतिरिक्त सुरक्षा बल 

बिकरू व उससे जुड़े कंजती, डिब्बा निवादा, भीठी, सुज्जानिवादा, देवकली, दिलीपनगर, बसेन, बोझा, तकीपुर, मदारीपुर सहित 13 गांवो में खुफिया सर्तकता बढ़ाई गई है। साथ ही गांवो में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। 

- गांव में कोई खौफ नही है। विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी चल रही है। लोगों में उत्साह भी है। लंबे अर्से बाद लोग अपनी पसंद के प्रत्याशी का चुनाव कर सकेंगे। मधू कमल, ग्राम प्रधान बिकरू। 

- चुनाव में शांति-व्यवस्था बनाने व अराजकतत्वों पर कार्रवाई के लिए अतिसंवेदनशील बूथ बिकरू, उसके आसपास के 13 गांवों में खुफिया सर्तकता बढ़ाई गई है। - राजेश कुमार, सीओ बिल्हौर।

Edited By: Abhishek Verma