कानपुर, जेएनएन। शहर का ऑक्सीजन संकट जल्द दूर होने की आस जगी है। यहां लिंडे कंपनी 20 हजार लीटर का क्रायोजेनिक कंटेनर स्थापित करेगी। शुक्रवार को प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कंपनी के अधिकारियों और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से ऑक्सीजन संकट से निजात दिलाने को लेकर बात की है। उन्हें बताया गया कि तीन-चार दिन में इस पर काम शुरू हो जाएगा। इससे कानपुर के साथ आसपास के 20 और जिलों को ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। कानपुर की समस्याओं को लेकर वह चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और चिकित्सा, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप ङ्क्षसह से भी मिले। दूसरी ओर, देर रात अदाणी समूह के गौतम अदाणी से बात कर शहर में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए कहा।

शहर में इस समय ऑक्सीजन को लेकर स्थिति काफी खराब है। कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों को मिलाकर रोज 125 टन ऑक्सीजन की जरूरत है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों से शहर को सिर्फ 54 टन ऑक्सीजन ही मिल पा रही है। इसलिए कानपुर को फौरन 71 टन और ऑक्सीजन की जरूरत है। ऑक्सीजन की इस कमी की वजह से ही बेड़ बढ़ाने के लिए चिह्नित किए गए अस्पतालों को प्रशासन चालू नहीं कर पा रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना लखनऊ में लिंडे कंपनी के अफसरों से मिले। यह ऑक्सीजन आपूर्ति की बड़ी कंपनी है।

लिंडे 20 हजार लीटर क्रायोजेनिक आइएसओ कंटेनर कानपुर में स्थापित करने पर सहमत हुई है। 40 मीट्रिक टन के छोटे टैंकर से उसकी रीफिलिंग की जाएगी। फिलहाल पनकी के इंडेन के कंटेनर में इसकी व्यवस्था की जा सकती है। चर्चा में यह बात भी उभर कर आई कि कानपुर से सड़क और ट्रेन के यातायात के साधन अच्छे होने की वजह से आसपास के 20 जिलों में और ऑक्सीजन यहां से जा सकेगी। औद्योगिक विकास मंत्री बताया कि बताया कि अपर मुख्य सचिव गृह से मुलाकात की है। वह ऑक्सीजन को लेकर पूरे प्रदेश का कंट्रोल सेंटर देख रहे हैं। उनसे भी कानपुर के लिए और ऑक्सीजन देने के लिए कहा है। गौतम अदाणी से बातचीत में उन्होंने भी जल्द कुछ करने का आश्वासन दिया है।

Edited By: Abhishek Agnihotri