जागरण संवाददाता, कानपुर : ट्रांसपोर्ट कारोबार बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। डीजल के रेट जिस तेजी से बढ़े हैं, उस हिसाब से ट्रांसपोर्टरों को भाड़ा नहीं मिल रहा है। इसलिए अब डाला, मुंशियाना, चाय-पानी के नाम पर आर्डर देने वाले प्रतिष्ठान या कारोबारियों के यहां कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्णय रविवार को कानपुर ट्रकर्स ब्रोकर्स संघर्ष समिति की पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में हुई सभा में ट्रांसपोर्टरों ने लिया।

ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि डाला, मुंशियाना, कांटा और चाय-पानी के खर्च के नाम पर ट्रांसपोर्टरों का उत्पीड़न किया जा रहा है। डूबते ट्रांसपोर्ट कारोबार को बचाने के लिए व्यापारियों को सहयोग करना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे दिनेश बाजपेयी ने कहा कि व्यापारियों ने अपना बोझ ट्रांसपोर्टरों पर डाल दिया है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। हो सकता है कुछ व्यापारी काम देने में आनकानी करें, लेकिन झुकें नहीं। सभा में बताया गया कि संघर्ष समिति ने टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पांच हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी ट्रक चालक को कोई समस्या होती है वह इन नंबरों पर फोन करे। क्षेत्रीय प्रभारी टीम के साथ वहां पहुंचेंगे। सभा में गणेश नारंग, जेपी नारंग, दुर्गा प्रसाद भरतिया, नरेश रस्तोगी, सुरजीत छाबड़ा, सीताराम मित्तल, इकबाल सिंह दुआ, मोहम्मद सलीम, नारायण गुप्ता, आदित्य तिवारी रहे। बैंक का ताला खुला रहने पर हटाया गया पूरा स्टाफ

कानपुर : सर्वोदय नगर स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा का ताला 18 घंटे तक खुला रहने पर प्रबंधक समेत पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है। मामले की विभागीय जांच चल रही है।

23 जुलाई को रात में बैंक की शाखा खुली रह गई थी। 24 जुलाई की दोपहर 12 बजे तक सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा खुली रही। 24 की दोपहर क्षेत्र का एक शख्स वहां एटीएम से पैसा निकालने पहुंचा तो बैंक का दरवाजा खुला देखा। उसकी सूचना पर बैंक प्रबंधक ने पहुंच कर बैंक बंद कराया था। क्षेत्रीय प्रबंधक ने इसकी जांच कराई थी। इसके आधार पर पूरे स्टाफ को बदला गया है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि स्टाफ को बदला गया है, लेकिन यह रूटीन प्रक्रिया है।

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