कानपुर, फीचर डेस्क। जाड़े के दिनों में विभिन्न प्रकार के मोटे अनाजों को हम अपने खानपान में शामिल कर न केवल सर्दी-जुकाम को दूर कर सकते हैं, बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा सकते हैं। डाइटीशियन डा. सुनीता मिश्रा बता रही हैं कि खानपान में किन खाद्य पदार्थों को शामिल करना रहेगा आपके लिए लाभप्रद...

मकई : इसे कई नामों से जाना जाता है और लगभग दुनिया के हर कोने में किसी न किसी रूप में लोग इसका सेवन करते ही हैं। इसकी रोटी खाने के साथ ही विभिन्न प्रकार के स्नैक्स बनाने में इसके आटे का प्रयोग किया जाता है। साबुत अनाज की श्रेणी के इस खाद्य पदार्थ में ढेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह फाइबर, मिनरल्स, विटामिंस और एंटीआक्सीडेंट्स का एक बेहतरीन स्रोत है। हममें से बहुत कम लोग ही यह जानते होंगे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पीले रंग के अलावा लाल, बैंगनी, नीले, सफेद, काले आदि रंगों की मकई का भी उत्पादन किया जाता है। विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को तैयार करने के साथ ही इससे सीरप और आयल भी तैयार किए जाते हैं।

मकई में वाटर, प्रोटीन, शुगर, कार्बोहाईड्रेट का अच्छा स्रोत है। इसमें बहुत कम मात्रा में फैट पाया जाता है। इसके साथ ही मकई में मैंग्नीज, फास्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक, कापर, फोलेट, नियासिन, पोटेशियम, ल्यूटिन, फाइटिक एसिड, फेरुलिक एसिड, एंथोसियानिंस आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें पाया जाने वाले विटामिंस न केवल हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं, बल्कि वे आंखों की रोशनी और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसमें पाया जाने वाला फास्फोरस शरीर में मौजूद टिश्यूज को स्वस्थ रखने में बहुत लाभदायक होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को क्रियाशील रखने में भी मदद करते हैं। इसमें मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद कैरोटेनायड्स मोबाइल और अन्य स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट्स से आंखों की रक्षा करता है। इसमें मौजूद फोलेट जिसे विटामिन बी-9 और फोलिक एसिड कहा जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वस्थ रखने में सहायता करता है।

बाजरा : बाजरा के नन्हें-नन्हें गोल दाने ढेर सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इससे विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं। एक जमाने में इसे गरीबों का भोजन कहा जाता था, किंतु अब यह सुपरफूड की श्रेणी में गिना जाता है। यह फाइबर, विटामिंस, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और एमीनो एसिड से भरपूर होता है। इसमें मौजूद अन्य पोषक तत्व भी शरीर के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। इसमें बीटा कैरोटिन, कार्बोहाईड्रेट्स, एंटीआक्सीडेंट्स, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, फोलिक एसिड, आयरन, फास्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। बाजरा के सेवन से पाचनतंत्र दुरुस्त रहता है। यह मधुमेह से पीडि़त लोगों के लिए भी लाभकारी है। कारण, इसमें मौजूद कार्बोहाईड्रेट्स शरीर में धीरे-धीरे पचते हैं, इस वजह से यह शरीर के ग्लूकोज लेवल को सही रखने में मदद करता है। डाइटरी फाइबर से भरपूर बाजरा हृदय रोगों से रक्षा करता है साथ ही यह हृदय को स्वस्थ रखने में भी कारगर है।

बाजरा की एक और खासियत है कि यह ग्लूटेन फ्री होता है, जो लोग ग्लूटेन फ्री खाद्य पदार्थ लेते हैं, उनके लिए भी यह लाभप्रद होता है। एसिडिटी और अल्सर की समस्या से अक्सर परेशान रहने वाले लोगों के लिए भी बाजरा बहुत लाभकारी होता है। यह एसिडिटी को नियंत्रित करने में बहुत कारगर है। तमाम शोध-अध्ययनों से पता चला है कि बाजरा हड्डियों को मजबूत रखने में भी मदद करता है। इसमें गुड फैट भी काफी मात्रा में पाया जाता है। इसलिए यह शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा को नियंत्रित करने में काफी कारगर होता है। इसमें मौजूद एंटीआक्सीडेंट्स शरीर की फ्री रेडिकल्स से रक्षा करते हैं। इसके साथ ही यह शरीर में किसी भी प्रकार के घाव हो जाने पर उन्हें तेजी से भरने में मदद करता है।

बाजरा दिमाग के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। इसके सेवन से याददाश्त सही रहती है साथ ही यह अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियों से बचाता है। आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर होने के कारण यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं व गर्भवती महिलाओं के लिए काफी लाभदायक होता है। यदि आप अपना वजन कम करना चाहती हैं या मोटापे से सुरक्षित रहना चाहती हैं तो समय-समय पर इसका किसी न किसी रूप में सेवन अवश्य करें। यह छोटे बच्चों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है।

Edited By: Sanjay Pokhriyal