बांदा, जेएनएन। आपने किसी दफ्तर में कर्मचारियों को हेलमेट पहनकर काम करते देखा है, शायद नहीं लेकिन यहां पर एक दफ्तर ऐसा है, जहां के कर्मचारी बाकायदा हेलमेट पहनकर काम करते हैं। ये उनका शौक नहीं बल्कि मजबूरी है। शासन जर्जर भवनों को रिजेक्ट कर सरकारी विभाग को नए भवनों में शिफ्ट कर रहा है लेकिन यहां बिजली विभाग में पीलीकोठी उपकेंद्र की मीटर परीक्षणशाला का जीर्ण-शीर्ण भवन अभी भी चल रहा है। इसमें कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाना पड़ रहा है।

बिजली विभाग राजस्व वसूली में भी अव्वल रहता है लेकिन अपने कार्यालय भवनों को लेकर शायद सबसे पीछे है। यही वजह है कि बिजली विभाग के मुख्य अभियंता का दफ्तर छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर आफिस जर्जर व जीर्ण-शीर्ण भवनों में चल रहे हैं। ये कभी भी ढह सकते हैं और बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन उच्चाधिकारियों को इसकी शायद परवाह ही नहीं है। कर्मचारी भी एक तरफ अधिकारियों का भय तो दूसरी तरफ जीवन जाने का भय के माहौल में ड्यूटी निभा रहे हैं। पीली कोठी स्थित मीटर लैब परीक्षणशाला भवन की छत व बिङ्क्षल्डग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है।

इस गंभीर समस्या की जानकारी बिजली कर्मचारी संघ व विभागीय कर्मचारियों द्वारा लिखित व मौखिक रूप से कई बार मुख्य अभियंता सहित सभी विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की पीड़ा का संज्ञान उच्चधिकारियों ने नहीं लिया। स्थिति इतनी गंभीर बन गई है कि कर्मचारियों को सुरक्षा की ²ष्टि से सिर में आठ घंटे तक हेलमेट लगाकर काम करना पड़ रहा है। बिजली कर्मचारी मोहन स्वरूप श्रीवास्तव, पवन कुमार, सुरेश तिवारी, रियाकत अली आदि ऐसे माहौल में हेलमेट लगाए कार्य करते मिले। उनके चेहरों पर मकान ढहने का भय साफ झलक रहा था। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि यह स्थिति वर्ष भर चल रही है लेकिन अधिकारियों को उनके जीवन को लेकर कोई फिक्र ही नहीं है।

इनका ये है कहना

मामला संज्ञान में है। इसके लिए संबंधित विभाग को लिखा गया है। जल्द ही भवन की मरम्मत व जीर्णोद्धार का कार्य कराया जाएगा।

-केशव भारद्वाज, मुख्य अभियंता उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड चित्रकूटधाम मंडल  

Posted By: Abhishek

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