जासं, कानपुर : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में स्पिक मैके चैप्टर का शनिवार को भव्य उद्घाटन हुआ। समारोह में राजस्थानी लोक नृत्य कालबेलिया का प्रदर्शन करके राजस्थानी कलाकारों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने की और शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. वंदना पाठक व विशिष्ट अतिथि डा. शालिनी वेद त्रिपाठी ने किया।

आभा मिश्रा ने बताया कि सोसाइटी फार द प्रमोशन आफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग यूथ (स्पिक मैके) गैर-राजनीतिक, राष्ट्रव्यापी, स्वैच्छिक संस्था है। इसकी स्थापना 1977 में आइआइटी दिल्ली में अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डा. किरण सेठ ने की थी। 2009 में उन्हें कला में विशेष योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। स्पिक मैके का उद्देश्य भारतीय विरासत के विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना और युवा मन को प्रेरित करना है। इसके लिए कुशल कलाकार स्कूल व कालेजों में भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोक, कविता, रंगमंच, पारंपरिक पेंटिग, शिल्प और योग के कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद राजस्थान से आए कालबेलिया ग्रुप ने केसरिया बालम पधारो म्हारे देश.., निमोड़ा- निमोड़ा.., होरिया मा उड़े रे गुलाल.., रंगीला मारो ढोलना.., दमा दम मस्त कलंदर.. जैसे गीतों पर नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी। कुलपति ने विवि में स्पिक मैके के नए चैप्टर के शुभारंभ के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। डा. वंदना पाठक ने कहा कि इस चैप्टर के खुलने से विद्यार्थियों को अपने अंदर छुपी प्रतिभा का प्रदर्शन करने और सीखने का मौका मिलेगा। इस दौरान डा. रिचा मिश्रा, प्रो. सुविज्ञा अवस्थी, सुरक्षा प्रभारी आरपी सिंह, डा. बृजेश कटियार आदि रहे।

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