कानपुर, जेएनएन। दिल्ली से आई फ्लाइट खराब हुई तो मुंबई से आए यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। अधिकारियों ने विमान की लैं¨डग तो करा दी, लेकिन एप्रन खाली न होने के चलते उसे रनवे पर ही खड़ा करा दिया। एक घंटे तक विमान रनवे पर ही खड़ा रहा। इस दौरान यात्री विमान में बैठने को मजबूर थे। परेशान यात्री लगातार विमान के कर्मचारियों से कारण जानने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें न तो जानकारी दी गई और न ही विमान को एप्रन तक लाया गया। काफी देर तक विमान सही न होने पर एयरपोर्ट अथारिटी ने विमान को गोल्फ लिंक एरिया में ले जाने का निर्देश दिया, जिसके बाद मुंबई से आए विमान को एप्रन तक लाया गया। चकेरी एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर 12:50 बजे दिल्ली से फ्लाइट आई। दोपहर 1:10 बजे इसे दिल्ली के लिए उड़ान भरना था, लेकिन इससे पहले ही तकनीकी खराबी आ गई। तकनीकी खामी सही करने में इंजीनियर जुटे, लेकिन सही नहीं कर सके। इसी बीच दोपहर दो बजे मुंबई से दूसरी फ्लाइट आ गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की अनुमति से विमान की लैं¨डग करा दी गई, लेकिन एप्रन खाली न होने से विमान को रनवे पर ही खड़ा करा दिया गया। इस दौरान मुंबई से आए 177 यात्री एक घंटे तक विमान में ही बैठे रहे। उधर, दिल्ली की फ्लाइट में आई तकनीकी खामी जब इंजीनियर सही नहीं कर सके तो विमान को एप्रन से हटाकर दूसरी जगह ले जाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद रनवे पर खड़े विमान को एप्रन तक लाया गया तब यात्रियों ने राहत की सांस ली। उधर, मुंबई जाने के लिए भी यात्रियों को एक घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। विमान के एप्रन में आने के बाद उनकी बोर्डिंग कराई गई। 

यात्रियों को किया वापस, आज दिल्ली जाएगी फ्लाइट : दिल्ली से आए विमान की तकनीकी खामी देर शाम तक इंजीनियरों ने सही कर ली। गुरुवार दोपहर जिन यात्रियों को दिल्ली जाना था वह अपने समय पर एयरपोर्ट पहुंच गए। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें बताया गया कि फ्लाइट शुक्रवार सुबह आठ बजे जाएगी, जिसके बाद यात्री अपने घरों को वापस हुए। 

31 अक्टूबर तक निरस्त है कोलकाता फ्लाइट:  कोलकाता फ्लाइट को 31 अक्टूबर तक के लिए निरस्त कर दिया गया। यह विमान पहले भी संचालन से अधिक निरस्त रहता था। जानकार बताते हैं कि यात्री लोड न मिलने से विमान निरस्त किया गया है।

इनका ये है कहना: 

यात्रियों को इस तरह से रनवे पर खड़ा रखना उचित नहीं है। किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ इसका जवाब मांगा जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से भी बात करूंगा। - देवेंद्र सिंह भोले, सांसद व चेयरमैन एयरपोर्ट एडवायजरी कमेटी