कानपुर, जेएनएन। उर्सला अस्पताल में मंगलवार को मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर से आए मरीज को रुपये न देने पर आपरेशन थियेटर (ओटी) से भगा दिया गया। पीडि़त ने सीएम पोर्टल के साथ डीएम से मामले की शिकायत की है। वह गोरक्षपीठ को भी मामले से अवगत कराएंगे।

गोरखपुर निवासी 35 वर्षीय मनीष प्रसाद को भगंदर (फिश्चूला) है। उन्होंने अपने साले विजय नगर (आंबेडकरपुरम) निवासी वीके भारती और शेषराम भारती को इस बारे में बताया। दोनों ने उन्हें कानपुर बुला लिया। शनिवार को उर्सला अस्पताल की ओपीडी में सर्जन डॉ. वीकेएस कटियार को दिखाया तो उन्होंने तुरंत ऑपरेशन के लिए कह केबिन में ही बैठे विजय कटियार, शिवम एवं अभिषेक को फाइल बनाने के निर्देश दिए। मरीज मनीष, रिश्तेदार वीके भारती व शेष राम भारती का आरोप है कि विजय ने ऑपरेशन खर्च छह हजार रुपये जमा करने के लिए कहा। परिजनों ने बताया कि इतने पैसे नहीं लाए हैं तो ऑपरेशन के दिन पैसे जमा कराने की बात कह उन लोगों ने फाइल बना दी।

मंगलवार सुबह नौ बजे भर्ती कर डेढ़ बजे ओटी में ले गए। वीगो लगाकर ग्लूकोज चढ़ाना शुरू कर दिया। मनीष का आरोप है कि विजय और डॉक्टर के बीच पैसे को लेकर बातचीत हुई। जब उन्हें पता चला कि पैसे जमा नहीं किए गए तो एक जांच लिखते हुए ओटी से बाहर कर दिया। उर्सला अस्पताल के निदेशक डॉ. उमाकांत से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। मैसेज देने के बाद उसका जवाब भी नहीं दिया।

ओटी फीस जमा

मरीज के परिजनों का आरोप है कि ओटी फीस जमा कर दी थी। मरीज की सभी जांचें, ईसीजी और कार्डियक फिटनेस भी ले चुके थे। सिर्फ पैसा न देने के कारण ओटी से भगाया गया है।

अस्पताल प्रबंधक से शिकायत

परिजनों ने बताया कि पैसा मांगने की शिकायत अस्पताल प्रबंधक डॉ. फैजल नफीस से की है। उन्होंने डॉक्टर से बात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। डॉ. फैजल नफीस ने शिकायत की पुष्टि की है। 

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Posted By: Abhishek

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