कानपुर: कानपुर- अलीगढ़ जीटी रोड को फोर लेन बनाने के लिए टेंडर माग लिए गए हैं। पिछले हफ्ते अलीगढ़ से मैनपुरी तक सड़क निर्माण का टेंडर मागा गया था अब मैनपुरी से कानपुर तक का भी टेंडर माग लिया गया है। यह मार्ग साढ़े छह हजार करोड़ रुपये से चौड़ा होगा। यह राशि निर्माण व भूमि अधिग्रहण में खर्च होगी। इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृत हो गई है और अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने निर्माण कार्य के लिए टेंडर माग लिया है।

साईं कंसलटेंट ने बनाया डीपीआर

कानपुर- अलीगढ़ जीटी रोड पर जगह- जगह जाम लगता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही इस प्रोजेक्ट का डीपीआर और एलाइनमेंट बनाने की जिम्मेदारी वर्ष 2015 में मेसर्स साईं कंसलटेंट कंपनी को दी गई थी। कंपनी ने एलाइनमेंट पहले ही फाइनल कर दिया था अब डीपीआर भी मंजूर हो गई है। ऐसे में प्राधिकरण की कोशिश है कि जल्द से जल्द भूमि का अधिग्रहण हो जाए और निर्माण कार्य शुरू हो।

भारत माला परियोजना से काम

यह प्रोजेक्ट भारत माला परियोजना के तहत इाईब्रिड एन्यूटी मोड पर धरातल पर आएगी। इस प्रोजेक्ट में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण निर्माण के लिए 40 फीसद धन देगा। 60 फीसद धनराशि ठेकेदार कंपनी खुद लगाएगी। टोल टैक्स की वसूली प्राधिकरण खुद ही करेगा।

अधिग्रहण को अंतिम अधिसूचना

अलीगढ़ से मैनपुरी तक भूमि के अधिग्रहण को अंतिम अधिसूचना (धारा 3डी) प्रकाशित हो चुकी है अब मैनपुरी से कानपुर के बीच में अगले हफ्ते यह जारी हो जाएगी। इसके बाद भूमि की खरीद बिक्त्री नहीं हो सकेगी। इस मार्ग पर सिकंदरा, भौगाव, गुरसहायगंज, जलालपुर पनवारा, बहादुरपुर, मंधना के पास रेलवे ओवरब्रिज बनेंगे। मंधना में एक अंडरब्रिज भी बनेगा।

पाच चरणों में होना है काम

यह प्रोजेक्ट पाच चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में अलीगढ़ से भदवारा (हाथरस), दूसरे चरण में हाथरस से एटा, तीसरे चरण में एटा से मैनपुरी, चौथे चरण में मैनपुरी से कन्नौज और पाचवें चरण में कन्नौज से कानपुर तक काम होगा। हालाकि भूमि का अधिग्रहण छह लेन की सड़क मानकर किया जा रहा है।

यहा बनेंगे बाईपास

सिकंदरापुर, कुरावली, भौगाव, बेवर, फतेहपुर, जलालपुर, बहादुरपुर समेत 17 जगहों पर बाईपास बनाए जाने हैं। इसमें कानपुर में चार बाईपास बनेंगे। एक बिल्हौर के पास बाईपास बनेगा। दूसरा लालपुर से उत्तरीपूरा, तीसरा शिवराजपुर और चौथा चौबेपुर के पास बाईपास बनेगा।

कुल इतनी भूमि की जरूरत

- 1346.45 हेक्टेयर भूमि चाहिए

- 805.098 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध

- 541.599 हेक्टेयर का अधिग्रहण होगा।

Posted By: Jagran

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