कानपुर, जेएनएन। शहर में बीते कई दिनों से रोजाना बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आने से ठंड का अहसास होने लगा है। इस बार मॉनसून की बारिश 11 वर्षों का रिकार्ड तोड़ चुकी है। बुधवार को भी सुबह से बारिश होती रही और लोगों की दिनचर्या अस्तव्यस्त रही। बीते एक सप्ताह में तापमान में भारी गिरावट से ठंड का अहसास होने लगा और घरों में कूलर-पंखे बंद होने के साथ हल्के कंबल निकल आए हैं।

हफ्ते भर से तापमान लगातार सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के अनुसार अब तक 850 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि औसत बारिश 745.4 मिमी होनी चाहिए। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ. नौशाद खान ने बताया कि अब पारा सामान्य से ऊपर नहीं जाएगा।

देर से होने वाली मानसूनी बारिश ने इसके आसार बना दिए हैं और रात में नमी बढऩे लगी है। ऐसे में घरों में पंखे व कूलर बंद होने के साथ लोगों ने चादर व हल्के कंबल ओढऩा शुरू कर दिया है। शहर में फिलहाल हल्की बारिश व बूंदाबांदी होने के आसार बरकरार हैं। वायमुंडल में लगातार नमी बढऩे के कारण आने वाले समय में पारा और गिरेगा और धुंध व कोहरे की स्थिति रह सकती है। शहर में दिन का तापमान पांच से सात डिग्री तक गिरा है।

मूंग के फूल झडऩे से नुकसान

बारिश में मूंग की फसल पर खतरा बढ़ गया है। खेतों में पककर तैयार फसल के फूल झड़ गए हैं, ऐसे में कृषि वैज्ञानिक 20 से 30 फीसद तक उत्पादन कम होने की आशंका जता रहे हैं। सीएसए के कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि देर से होने वाली मानसून बारिश में मूंग का दाना छोटा होने की आशंका बनी हुई है। उड़द की फसलें जो पुष्पावस्था से गुजर रही हैं, उनमें भी नुकसान की आशंका है।

Posted By: Abhishek

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