कानपुर, जेएनएन। पूर्व सांसद और सीपीआइएम पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली ने कहा है कि केंद्र व राज्य सरकार देश को धर्म व संप्रदाय के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही हैं। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध इसलिए है क्योंकि इसे धर्म के नाम पर लागू किया जा रहा है। वह कानपुर में रामआसरे भवन कालपी रोड में पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि देश भर में लोगों को लड़ाने की कोशिश की जा रही है जबकि इस देश की जड़ में ङ्क्षहदू-मुस्लिम एकता है। दोनों ही मिलकर देश को आगे ले जा सकते हैं। सरकार मंहगाई और बेराजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दे ला रही है। नागरिकता को धर्म से जोडऩा संविधान से खिलवाड़ करना है। ऐसे मुद्दों का हर हाल में विरोध होगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत और भारत का मजदूर आज के समय में सबसे शोषित है। उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। इसीलिए 8 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वïान किया गया है। उन्होंने 8 जनवरी की हड़ताल को सफल बनाने की अपील की और उम्मीद जताई कि इससे सरकार को पता चल जाएगा कि लोगों में कितना गुस्सा है।

Posted By: Abhishek

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