कानपुर, जेएनएन। चकेरी में बुजुर्ग दंपती को मारपीट कर घर से निकालने वाले बेटे-बहू को पुलिस ने शांतिभंग की धाराओं में ही गिरफ्तार करके तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। थाने और चौकी में चक्कर लगाकर परेशान हो चुके दंपती ने शनिवार रात पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी, इस पर आयुक्त खुद बुजुर्ग दंपती को लेकर उनके घर जा पहुंचे थे। जहां उन्होंने न केवल बुजुर्ग दंपती को घर पहुंचाया, बल्कि बेटे और बहू के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कराई थी। पुलिस ने तुरंत आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।

जेके कालोनी निवासी बुजुर्ग अनिल कुमार शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा अभिषेक और बहू हैं। अनिल व उनकी पत्नी का दो माह पूर्व बेटे-बहू से विवाद हो गया था। आरोप है कि तब बेटे व बहू ने उनके साथ मारपीट की थी। सात दिन पूर्व फिर मारपीट की तो बुजुर्ग ने चकेरी थाने में बेटे और बहू के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसके बाद भी बेटे और बहू की हरकतें बंद नहीं हुई।

उत्पीडऩ से परेशान बुजुर्ग दंपती ने थाने और डीसीपी पूर्वी से शिकायत भी की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आरोप है कि दो दिन पहले बेटे और बहू ने दोबारा मारपीट कर बुजुर्ग माता पिता को घर से निकाल दिया। यही नहीं, उनका सामान समेटकर दोनों कमरों में ताले डाल दिए थे। इस पर पीडि़त दंपती ने पुलिस आयुक्त असीम अरुण से शिकायत की। मामला संज्ञान में आने पर शनिवार रात पुलिस आयुक्त ने बुजुर्ग दंपती को कैंप कार्यालय बुलाया और साथ लेकर उनके घर जा पहुंचे। अपने सामने उनके कमरों के ताले खुलवाए। साथ ही बुजुर्ग दंपती से मारपीट करने के आरोप में उन्होंने बेटे अभिषेक और बहू को पुलिस हिरासत में थाने भेज दिया था। देर रात चकेरी पुलिस ने बेटे-बहू के खिलाफ शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की और रविवार को कोर्ट में पेश करके तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

इनका ये है कहना

  • जिन्होंने पाल पोसकर बड़ा किया, उन माता-पिता से मारपीट करना व उन्हेंं बेसहारा करके घर से निकालने वालों के लिए यह एक सबक है। पूर्व में बेटे और बहू के खिलाफ मुकदमा लिखा जा चुका था, लेकिन फिर भी वह नहीं सुधरे। लिहाजा शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आगे भी अगर कहीं इस तरह की शिकायत मिलती है तो आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

                                                                                                    - असीम अरुण, पुलिस आयुक्त 

Edited By: Akash Dwivedi