जागरण सवाददाता कानपुर: पिछले कई महीनो से चल रहे कानपुर क्लब के मामले का आज पटाक्षेप हो गया। न्यायालय ने डेढ़ हजार रुपए का अर्थदड लगाकर वादी का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। कानपुर क्लब के सदस्य योगेश कुमार ने सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय मे प्रार्थना पत्र देकर कानपुर क्लब मे कई अनियमितताओ का मामला उठाया था। उन्होने पदाधिकारियो पर सदस्य बनाने मे हेरफेर, चुनाव न कराना, अपने बनाये सदस्यो की मदद से पदाधिकारी बनना जैसे आरोप लगाए थे। ऐसे कई गभीर मुद्दो पर उन्होने कानपुर क्लब को पक्षकार बनाते हुए मामला दाखिल किया था। इस पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्टे कर दिया था। इसके बाद सेना ने भी प्रार्थना पत्र देकर खुद को पक्षकार बनाने की अपील की थी। सभी पक्षो की बात सुनने के बाद न्यायालय ने स्टे खत्म कर दिया था। इसके बाद ब्रिगेडियर ने कानपुर क्लब के अध्यक्ष का पद सभाल लिया। इस घटनाक्रम के बाद शनिवार को वादी योगेश कुमार ने मामला वापस लेने के लिए कोर्ट मे अर्जी दी थी। इस पर मगलवार को सुनवाई हुई तो सेना की ओर से अधिवक्ता पवन तिवारी ने विरोध किया और वादी पर भारी से भारी पेनाल्टी लगाने की वकालत की। न्यायालय ने उनकी इस दलील पर वादी पर 1500 रुपये की क्षतिपूर्ति लगाते हुए मामला खत्म कर दिया।